दिल्ली में आप और कांग्रेस का गठबंधन राजनितिक अवसरवादिता का एक बहुत बड़ा उदाहरण है : विजेंद्र गुप्ता

नई दिल्ली । भारतीय जनता पार्टी दिल्ली प्रदेश कार्यालय में विजेंद्र गुप्ता (नेता प्रतिपक्ष , दिल्ली विधानसभा) ने पत्रकार वार्ता को सम्बोधित किया। इस पत्रकार वार्ता का मुख्य उद्देश्य दिल्ली में आप व कांग्रेस के बीच हो रहे अनैतिक गठबंधन के तथ्य उजागर करना था। इस अवसर पर अशोक गोयल (मीडिया प्रभारी, भाजपा दिल्ली प्रदेश) भी उपस्थित थे।
श्री गुप्ता ने कहा कि दिल्ली में आप और कांग्रेस का गठबंधन एक प्रकार से राजनितिक अवसरवादिता का एक बहुत बड़ा उदाहरण है और आज तक भारतीय राजनीती में ऐसा नहीं हुआ। कांग्रेस और आप के मूल में ही एक दुसरे के राजनीतक भविष्य को खत्म करना था और आप बनी ही थी कांग्रेस को राजनीती से बाहर करने के लिए।
आप व कांग्रेस का यह गठबंधन अल्पसंखयक वर्ग में भाजपा का हौआ बनाने व दिल्ली को साम्प्रदायिकता के आधार पर बांटने का एक अशोभनीय प्रयास है।
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल जी ने अपनी कई सभाओं में अल्पसंखयक समुदाय के लोगों में जाकर इस बात का हौआ खड़ा किया और इस प्रकार से कांग्रेस के ऊपर गठबंधन करने का दबाव बनाने का प्रयास किया।
श्री गुप्ता का कहना था कि आप गठबंधन को व्याकुल इसलिए है क्यूंकि उसे लगता है कि भाजपा का मुकाबला वो अकेले नहीं कर सकती और यह बात श्री अरविन्द केजरीवाल जी ने जगह जगह लोगों के बीच कई माह पहले ही बोल दिया था की वे भाजपा का मुकाबला अकेले नहीं कर सकते और यदि कांग्रेस के साथ उनका गठबंधन हुआ तो दिल्ली की सातों सीटें भाजपा को चली जाएंगी।
आप, कांग्रेस के साथ मिलकर साम्प्रदायिकता के बल पर दिल्ली को संप्रदाय के आधार पर बांटने के लिए गठबंधन बनाने का प्रयास कर रहे है व दिल्ली के लोग इस बात को भलीभांति समझ रहे है।
श्री गुप्ता ने आगे यह बताया कि इनके गठबधन में विलम्भ का कारण 3 सीटों चांदनी चैक, उत्तर पूर्वी दिल्ली व पूर्वी दिल्ली पर पेंच फंसाना है और ऐसा इस लिए है की क्यूंकि इन 3 सीटों पर अल्पसंख्यक समुदाय का वोट अधिक है और यह दोनों उसको साधने का प्रयास कर रहे है।
दिल्ली कांग्रेस के वो लोग जो कि संभावित उम्मीदवार है वह इस गठबंधन के पक्ष में है और वो लोग इसका विरोध कर रहे है जिन्हे कि चुनाव ही नहीं लड़ना।
दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री श्रीमती शीला दीक्षित व उनके अन्य कार्यकारी अध्यक्ष इस गठबंधन के खिलाफ है वही दूसरी ओर कपिल सिब्बल व अजय माकन पहले इस गठबंधन के खिलाफ थे परन्तु आज एक सुर से इससे सहमत दिख रहे है।
इसी क्रम में श्री गुप्ता ने जोड़ा कि आप के सभी 7 घोषित उम्मीदवार अपने अपने घरों में बैठे है क्यूंकि ना ही उनके साथ कोई कार्यकर्त्ता खड़ा है और ना ही जनता से उनको समर्थन मिल रहा है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल भी अपनी कई सभाएं रद्द कर चुके है और इसका ठीकड़ा या तो वो चुनाव आयोग पर फोड़ते है या दिल्ली पुलिस पर किन्तु हकीकत ये है जनता इनके साथ नहीं खड़ी है।
इस गठबंधन का मुख्य उद्देश्य व्यक्तिवादी व सम्प्रदायवादी राजनीती को ऊपर रख लोगों को धोखा देने का एक असफल प्रयास साबित होगा। इस गठबंधन की पोल हम लोगों में जाकर खोलेंगे।
दिल्ली के गंगा जमुनी तहजीब को चोट पहुँचाने व दिल्ली के सौहार्द्य बिगाड़ने मंशा साथ गठबंधन बनाने का प्रयास है।
श्री गुप्ता ने विश्वास व्यक्त किया कि दिल्ली की जनता ये भली भाँती समझती है और कांग्रेस आप गठबंधन को सबक सिखाएगी और इनको यह दिखा देगी कि दिल्ली के लोग धर्म व जाती से ऊपर उठ देश की दिशा व दशा में आये नए बदलाव के साथ है व नए भारत की परिकल्पना में अपना योगदान भाजपा व मा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथो को मजबूत कर देना चाहती है।

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