पदमश्री पर्वतारोही ममता सोढा जी का सेंट मारग्रेट द्वारा भव्य स्वागत

नई दिल्ली । सेंट मारग्रेट स्कूल, रोहिणी में मंगलवार को हरियाणा के कैथल जिले की पद्मभूषण अवार्ड से सम्मानित पर्वतारोही ममता सोढा जी को आमंत्रित किया गया | इन्होंने माउंट एवरेस्ट पर चढ़ाई कर सफलता की ऊँचाइयाँ को छुआ और नारी शक्ति की पहचान बनाई । ममताजी देश की शान और युवाओं के लिए मिसाल हैं | विद्यालय के चेयरमैन श्री बी. आर. गोस्वामी, प्रबंधकीय निदेशक श्री नवीन गोस्वामी तथा प्रधानाचार्या श्रीमती रेनू जैन द्वारा ममता जी व उनके परिवार वालों का ह्रदय से स्वागत किया गया । आर.एस.एस. के प्रचारक श्री प्रमोद कौशिक, जोकि भारतीय जनता पार्टी की ओर से दो लोक-सभा क्षेत्र के प्रभारी भी है, इस सम्मान समारोह में आमंत्रित थे |ममता जी के साथ आए अन्य जन-गण मान्य अतिथियों का भी प्रबंधकीय सदस्यों द्वारा हार्दिक अभिनंदन किया गया ।
ममता जी ने विश्व के चार महाद्वीपों की शिखरतम चोटियों की चढ़ाई करके अपने अद्भुत साहस, लगन व हिम्मत का परिचय दिया। मंगलवार 26.3.19 को ममताजी अपने पाँचवे महाद्वीप कारसतेनज पिरामिड, जोकि आस्ट्रेलिया की सबसे ऊँची चोटी है- की यात्रा करके सीधा सेंट मारग्रेट पहुँची | उनका उत्साह,जोश व जुनून देखने योग्य था। अपनी सफलता के बाद वे घर ना जाकर सीधे विद्यालय आई और उन्होंने सभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि अगर जीत का लक्ष्य है तो मंज़िले ख़ुद रास्ता बनाती है। यह विद्यालय के लिए गर्व की बात है।
श्री नवीन गोस्वामी जी ने ममता जी की उपलब्धियों के विषय में बताते हुए उनका परिचय दिया तथा देश के प्रति समर्पित उनके कार्यों की मुक्त कंठ से सराहना करते हुए कहा कि ममताजी नारी शक्ति का जीवंत उदाहरण हैं, जिनके साहस, दृढ़ता तथा देश-प्रेम को हम नमन करते है ।
हरियाणा पुलिस जिला अधीक्षक तथा भारतीय खिलाड़ी ममता सोढा जी को पर्वतारोहण खेल में उनकी सेवाओं के लिए पद्म श्री उपाधि से अलंकृत किया गया है। ममता जी हरियाणा के कैथल से हैं और ‘शारीरिक शिक्षा’ विषय मे स्नातकोत्तर कर रखी है। इन्होंने माउंट एवरेस्ट की नहीं बल्कि विश्व के सात महाद्वीपों की अनेक चोटियों की सफलतम चढ़ाई करके रिकार्ड बनाए हैं। जैसे माउंट एलबरस( यूरोप की सबसे ऊँची चोटी ), मोर्मी चोटी, मुन चोटी, इडलैंड चोटी, इजलैंड चोटी। विश्व के सात में से पाँच महाद्वीपों की शिखरतम चोटियों की चढ़ाई करके ममताजी ने सबको विस्मित कर दिया और शेष दो महाद्वीपों की चोटियों की चढ़ाई करना उनका भावी लक्ष्य है।
ममता जी का पर्वतारोहण के अतिरिक्त हैंडबॉल खेल में भी सराहनीय योगदान है। इन्हें तेनजिंग सम्मान से भी नवाज़ा गया है। हरियाणा सरकार द्वारा इन्हें 21 लाख नक़द धनराशि द्वारा सम्मानित किया गया। देश-हित तथा ईश्वर प्राप्ति हेतु मानव सेवा ही इनके जीवन का लक्ष्य है।
ममता जी ने विद्यालय से मिले सम्मान को हृदय से स्वीकार करते हुए चेयरमैन श्री बी. आर. गोस्वामी तथा प्रबंधकीय निदेशक श्री नवीन गोस्वामी जी का आभार प्रकट किया | अपने भाषण में सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि पर्वतों के प्रति उनका प्यार व जिज्ञासा बचपन से थी। उनका लक्ष्य समाज को लड़का-लड़की बराबर है की सोच से भी परिचित कराना है। हरियाणा में लोग लड़की को दसवीं के बाद पढ़ने की अनुमति नहीं देते ऐसे संकुचित व संकीर्ण विचारोंवाले समाज में अपने बल पर ममता जी ने एवरेस्ट की नहीं बल्कि विश्व की अनेक चोटियों की चढाई करके यह बताया है कि नारी शक्ति स्वरूपा है जो परिवार, समाज और देश के लिए सब कुछ कर सकती है, जरुरत है केवल साहस और दृढ़ता की |उनका मानना है कि- मन के हारे हार है, मन के जीते जीत |’
वही देश-हित व जन कल्याण की भावना से ओत-प्रोत ममता जी ज़रूरतमदों के लिए सदैव तत्पर रहती है । वे अपने पति को अपना प्रेरक स्रोत मानती है । अपने ढाई वर्ष के बेटे को भी वे पर्वतारोही बनाने की इच्छुक हैं |ऐसे उच्च विचारों वाली ममताजी का हम ह्रदय से सम्मान करते हैं तथा उनके उज्ज्वल व सफल भविष्य की कामना करते हैं |

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