महापौर ने 104 वार्डों में डेंगू और मलेरिया जागरूकता कार्यक्रम का उद्घाटन किया

नई दिल्ली। उत्तरी दिल्ली के महापौर अवतार सिंह ने शाह ऑडिटोरियम, रजनिवास मार्ग में सभी 104 वार्डों में डेंगू और मलेरिया जागरूकता कार्यक्रम और डेंगू व मलेरिया रोधी माह का उद्घाटन किया। इस अवसर पर शहरी व सदर पहाडग़ंजवार्ड कमेटी के अध्यक्ष मो. सादिक, पार्षद राकेश कुमार, अति. आयुक्त स्वास्थ्य डॉ. जयराज नायक, निगम स्वास्थ्य अधिकारी, डॉ. ए.के.बंसल, उप स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रमोद वर्मा, अन्य वरिष्ठ अधिकारी और 50 आरडब्ल्यूए प्रतिनिधि भी उपस्थित थे।
इस अवसर पर महापौर ने जनस्वास्थ्य विभाग द्वारा आयोजित प्रदर्शनी का भी उद्घाटन किया जिस में विभाग ने सभी उपकरणों, मच्छरों हेतु कीटनाशक, गम्बूसिया मछली आदि के साथ विभिन्न तकनीकों को प्रदर्शित किया था।
उत्तरी दिल्ली के महापौर अवतार सिंह ने आरडब्ल्यूए का स्वागत किया और आगामी मानसून के मौसम में डेंगू के कारण होने वाले बीमारियों की रोकथाम हेतु अपना समर्थन देने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि घर की छत और आस-पास कबाड़ जैसे टूटे गमले, कप, बर्तन, टायर आदि खुले में ना छोड़ेे जिसमें बरसात का पानी जमा हो सकता हो। जिससे की डेंगू एवं चिकुनगुनिया फैलाने वाले मच्छर की रोकथाम की जा सके हैं।
अतिरिक्त आयुक्त डॉ. जयराज नायक ने कहा कि स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय और एनवीबीडीसीपी द्वारा जारी दिशा निर्देशों के अनुसार, जून का माह व मौनसून शूरू होने से पहले का समय जागरूकता फैलाने के लिए चुना जाता है, ताकि डेंगू को कैसे रोका जा सके, इस पर आम जनता में जागरूकता पैदा की जा सके। कोई भी कार्यक्रम सक्रिय जन भागीदारी के बिना सफल नहीं हो सकता है और इसलिए विभाग मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया से निपटने के अपने प्रयासों को तेज करने के अलावा, नियमित रूप से समन्वय बैठकें और आरडब्ल्यूए बैठक आयोजित करता है।
उन्होने कहा कि जैसा कि हम सभी जानते हैं कि डेंगू एक मच्छर जनित बीमारी है और इस बीमारी के कारण लोगों में खौफ पैदा हो जाता है क्योंकि यह गंभीर दर्द के साथ उच्च दर्जे का बुखार पैदा करता है और यहां तक कि जानलेवा तक भी हो सकता है।
निगम स्वास्थ्य अधिकारी, डॉ ए.के.बंसल ने कहा कि एडीज मच्छर घरों और आस-पास और ऐसे स्थानों पर स्थिर पानी में प्रजनन करते हैं, जो इसे संचय की अनुमति देते हैं, डीबीसी को साइटों की जांच और रिपोर्ट करने के लिए बीट कार्यक्रम दिया गया है। वे जागरूकता फैलाने में मदद करते हैं और मच्छरों के उपचार में मदद करते हैं जबकि फील्ड कर्मी घरों में और उसके आस-पास स्प्रे करते हैं जो प्रजनन के लिए सकारात्मक परिस्थितिया पैदा करते हैं।

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