पार्षदों ने निगम को फंड न देने के विरोध में निकाला मार्च

नई दिल्ली। दिल्ली के तीनों निगमों के 186 पार्षदों ने दिल्ली सरकार के खिलाफ तीनों निगमों का बकाया फंड रू 9195 करोड़ नहीं देने पर सिविक सेंटर से दिल्ली सचिवालय तक मार्च निकाला। उत्तरी दिल्ली नगर निगम में नेता सदन तिलक राज कटारिया ने बताया कि उत्तरी दिल्ली नगर निगम का कुल रू 3649.48 करोड़ का फंड दिल्ली सरकार पर बकाया है जिसे दिल्ली सरकार नहीं दे रही है जिस के कारण विकास कार्यों में बाधा उतपन्न हो रही है। यह वो बकाया राशि है जो दिल्ली सरकार को मान्य है, यद्यपि निगम विभाजन के समय की बकाया राशि रू 6635.45 करोड़ बनती है।
उत्तरी दिल्ली के महापौर अवतार सिंह ने बताया कि चौथे वित आयोग का अन्तर रू 968.97 करोड़ अभी तक दिल्ली सरकार ने नहीं दिया है, इसके साथ ही वर्ष 2018-19 के योजन मद में रू 90.90 करोड़ निगम को नहीं दिए। उन्होंने बताया कि दिल्ली सरकार के आश्वासन के अनुसार यूनिट एरिया मेथड के कार्यान्वयन पर संपत्ति कर में जो भी कमी होगी उस की पूर्ति निगम को सरकार द्वारा की जाएगी उसका रू 1285.97 करोड़ भी अभी बकाया है। इससे साथ ही ट्रांसफर ड्यूटी में निगम की हिस्सेदारी 5 प्रतिशत से घटाकर 3 प्रतिशत कर दी गई जिस के बाद दिल्ली सरकार को रु 1620 करोड़ दोना था वो भी अभी तक नहीं दिया है।
स्थायी समिति के अध्यक्ष जय प्रकाश बताया कि दिल्ली सरकार के कहने पर परिवार कल्याण योजनाएं रु 80 करोड़ उत्तरी दिल्ली नगर निगम द्वारा खर्च किए गए जो दिल्ली सरकार द्वारा दिए जाने चाहिेए थे वो भी अभी तक उन्होंने नहीं दिए है। इन सभी को मिला कर दिल्ली सरकार पर कुल रु 6635.45 करोड़ उत्तरी दिल्ली नगर निगम का बकाया है जो दिल्ली सरकार ने अभी तक नहीं दिया है।
नेता सदन तिलक राज कटारिया ने बताया कि यदि दिल्ली सरकार पर बकाया रु 6635.45 करोड़ उत्तरी दिल्ली नगर निगम को मिल जाता है तो निगम की रु 6176.32 करोड़ की देनदारी खत्म हो जाएगी और निगम बकाया रशि से विकास कार्यों को कर सकेगी व निगम के कर्मचारियों का बकाया भी दे सकेगी। उन्होंने कहा कि दिल्ली के अंदर एक ऐसी सरकार है जो जानबूझ कर निगम का फंड रोक रही है ताकि विकास कार्यों में बाधा उतपन्न हो।
तिलक राज कटारिया ने बताया कि जब हम दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को ज्ञापन देने सचिवालय पहुचे तो मुख्यमंत्री नदारद थे गए और अपने सचिव से ज्ञापन लेने को बोल गए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हम से मिलना नहीं चाहते थे तभी वो वहा से निकल गए। यदि केजरीवाल सरकार निगम की बकाया राशि जारी नहीं करेगी तो दिल्ली की जनता इसका उत्तर उसे दिल्ली से बहार करके देगी।

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