अनधिकृत कॉलोनियों पर चर्चा न करने पर सदन में काम रोको प्रस्ताव लायेंगे : विजेन्द्र गुप्ता

नई दिल्ली । भारतीय जनता पार्टी दिल्ली प्रदेश कार्यालय पर आयोजित प्रेस वार्ता में दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष विजेन्द्र गुप्ता ने कहा कि 2 दिसंबर सोमवार से दिल्ली विधानसभा का सत्र शुरू हो रहा है और मुख्यमंत्री केजरीवाल आज भी केन्द्र सरकार द्वारा अनधिकृत कॉलोनियों को नियमित करने को लेकर दिल्ली की जनता को गुमराह करने के लिए गलत बयानबाजी कर रहे है। झूठें बयानों को जनता के बीच प्रसारित कर मुख्यमंत्री अपनी गैर जिम्मेदारी का परिचय दे रहे है। इस सत्र में हम सदन में काम रोकों प्रस्ताव लेकर जायेंगे जिसके तहत दिल्ली सरकार को हम चुनौती देते है कि वो सभी कामों को रोककर पहले अनधिकृत कॉलोनियों में रहने वाले 40 लाख से अधिक लोगों को उनके घरों का मालिकाना हक देने के सम्बन्ध में चर्चा करे, वाद-विवाद न करें और विपक्ष पर मार्शलों का इस्तेमाल न करें। इस प्रेस वार्ता में विधायक श्री जगदीश प्रधान, पूर्व विधायक श्री अनिल वाजपेयी एवं प्रदेश मीडिया प्रमुख श्री अशोक गोयल देवराहा उपस्थित थे।
विजेन्द्र गुप्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री बार बार जनता के बीच झूठ बोल रहे हैं कि जब रजिस्ट्री जनता को मिल जायेगी तब मानूंगा हम उसी विषय पर बात करना चाहते है। केन्द्र सरकार दिल्ली में 16 दिसंबर से रजिस्ट्रेशन शुरू कर रही हैं। पूरी दिल्ली में कुल 21 सब रजिस्ट्रार है। एक दिन में 10 से ज्यादा सेल डीड नहीं हो सकती है। भारत सरकार और डीडीए की वेबसाईट पर लाखों लोग अपने घरों के मालिकाना हक के लिए रजिस्ट्रेशन करेंगे। दिल्ली के मुख्यमंत्री कह रहे हंै कि इन सब के लिए उन्होंने विशेष प्रबन्ध कर रखे हैं। मुख्यमंत्री के सबसे बड़े झूठ का खुलासा करते हुये बताना चाहता हूं कि केजरीवाल ने इस मुद्दे पर कोई काम नहीं किया। रजिस्ट्री की पूरी व्यवस्था करने के लिए 40-50 खिड़कियां खोलने की जरूरत है। तारीख नजदीक आ रही है, 8 से 10 लाख लोगों को रजिस्ट्र करने के लिए कैम्प कहां लगाना होगा, जगह कौन सी होगी, कम्पयूटर ऑपरेटर की व्यवस्था करना या फिर इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार करना इन सब को लेकर दिल्ली सरकार की तरफ से कोई तैयारी नहीं हो रही है। केजरीवाल सरकार को हम चुनौती देते हैं कि वो अपनी स्थिति को स्पष्ट करें कि 8-10 लाख लोगों के आने के लिए दिल्ली सरकार ने क्या व्यवस्था की है।
श्री गुप्ता ने कहा कि केन्द्र सरकार और डीडीए लोगों के लिए सहायता केन्द्र बना रही है लेकिन दिल्ली सरकार की तरफ से कोई प्रयास नहीं दिखाई पड़ रहा है। हम सदन में इस मुद्दे को उठायेगें और मुख्यमंत्री से जवाब मांगेगें क्यों दिल्ली सरकार 16 दिसंबर के लिए कोई तैयारी नहीं कर रही है। डीडीए ने 600 नक्शें अपलोड किये हैं, लेकिन 57 महीने के कार्यकाल में आम आदमी पार्टी ने अनधिकृत कॉलोनियों का एक भी नक्शा या बाऊन्ड्री नहीं की है। सदन में दिल्ली सरकार से हम इसे लेकर बहस करंेगे, लेकिन हमें विश्वास है कि दिल्ली सरकार बहस से भागेगी नहीं। मोदी सरकार ने लाखों लागों को लाभान्वित करने का संकल्प लिया है और वो बहुत ही कम दरों पर रजिस्ट्री कर लोगों को उनके घर का मालिकाना हक दे रही है। कांग्रेस और आम आदमी पार्टी जनता के बीच झूठ फैला रही है। पहले 15 साल कांग्रेस ने लटकाया और 5 साल आम आदमी पार्टी ने भटकाया और महज 100 दिन में मोदी सरकार ने अनधिकृत कॉलोनियों को नियमित कर दिखाया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Translate »