शारीरिक स्वास्थ्य की दृष्टि से यह वर्ष अच्छा रहेगा। आपके सभी कार्य उत्साहपूर्वक व परिश्रम से पूरे होंगे। साथ ही आपके मन में समाज सेवा व सहयोग की भावना जागेगी। आप निःस्वार्थ भाव से जरूरतमंदों की सहायता करते रहेंगे। अतः सम्पूर्ण वर्ष शान्तिपूर्वक व्यतीत होगा। पारिवारिक सुख स्मृद्घि के लिए भी यह वर्ष उत्तम रहेगा। सभी लोग मिल-जुल कर प्रेम पूर्वक रहेंगे तथा सुख-दुख में एक-दूसरे की मदद करते रहेंगे। परिवार में खुशियों का वातावरण रहेगा। माता-पिता केञ् स्वास्थ्य की दृष्टि से समय अच्छा रहेगा। अक्टूबर से दिसम्बर के मध्य छुटपुट परेशानी आ सकती है। संतान पक्ष से कुछ चिन्ता अवश्य रहेगी। वे आशाओं पर पानी फेर सकते हैं। स्त्री सुख व स्वास्थ्य की दृष्टि से वर्ष उत्तम रहेगा। वे प्रसन्नचित आपको पूर्ण सहयोग प्रदान करेंगी। इस पक्ष से धन का लाभ भी उत्तम होगा। व्यवसायिक व कार्यक्षेत्र में सफलता की दृष्टि से यह वर्ष महत्वपूर्ण रहेगा। बृहस्पति की शुभ स्थिति नौवें भाव में रहने से भाग्योदय होगा तथा कई महत्वपूर्ण कार्यों में आपको सफलता मिलेगी। नौकरी या अन्य कार्यक्षेत्र में आपको महत्वपूर्ण पद की प्राप्ति होगी। धन लाभ भी उत्तम होगा । छठे भाव में स्थित केतु व शनि के प्रभाव से आपके शत्रु पराजित होंगे तथा सुख-वैभव में वृद्घि होगी। इस वर्ष आप की लम्बी दूरी की यात्राएं सम्पन्न होंगी तथा व्यय में अधिकता रहेगी। अन्य खर्चों में भी वृद्घि रहेगी। फिर भी मानसिक सन्तुष्टी बनी रहेगी।
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शारीरिक स्वास्थ्य की दृष्टि से इस वर्ष राहु की स्थिति राशि में होने के कारण आप समय-समय पर वातरोगों व बुखार आदि से कष्ट की अनुभूति करते रहेंगे। सातवें भावस्थ केतु भी रक्त संबंधी परेशानी उत्पन्न करेगा। अतः स्वास्थ्य व शारीरिक सुरक्षा के प्रति आप सजग रहें तथा खान-पान का विशेष ध्यान रखें। पारिवारिक सुख-स्मृद्घि व शान्ति की दृष्टि से समय उत्तम रहेगा। सभी बन्धु-बान्धव परस्पर प्रेम पूर्वक मिल-जुल कर रहेंगे तथा सुख-दुख में एक दूसरे की पूरी सहायता करेंगे। माता-पिता का स्वास्थ्य उत्तम रहेगा। वे प्रसन्नता पूर्वक आपको लाभ पहुंचाते रहेंगे। संतान पक्ष केञ् लिए जनवरी से सितम्बर तक का समय उत्तम रहेगा,लेकिन उसके पश्चात उनकी ओर से परेशानी बढ़ेगी। जनवरी से सितम्बर के मध्य संतान की ओर से प्रसन्नता व सहयोग प्राप्त होगा। स्त्री के स्वास्थ्य व सुख के लिए समय ठीक नहीं है। समय-समय पर वे मानसिक व शारीरिक रूञ्प से अस्वस्थ रहेंगी। अतः दाम्पत्य सुख में न्यूनता आएगी। व्यवसायिक व कार्यक्षेत्र में सफलता की दृष्टि से यह वर्ष विशेष अच्छा नहीं रहेगा। कार्यपूर्ति में समय-समय पर समस्याएं व बाधाएं आती रहेंगी। बृहस्पति दसवें भावस्थ होने के कारण सरकार व उच्च अधिकारी वर्ग से आपके लिए समस्याएं आती रहेंगी। अतः नियमपूर्वक व बुद्घि कौशल से कार्य करें। फरवरी से जुलाई के मध्य शनि के छठे भावस्थ होने के कारण शत्रुपक्ष की पराजय होगी तथा नौकरी या राजनीति में आपको कोई महत्वपूर्ण सफलता मिल सकती है। दिसम्बर में बृहस्पति की ग्यारहवें भाव की स्थिति आय स्त्र्रोत में वृद्घि करवा सकती है। इस वर्ष छुटपुट यात्रा होगी और यात्रा लाभदायक ही रहेगी। आप के व्यय भी अनुकूल मात्रा में ही होंगे। अतः आप को मानसिक संतोष रहेगा।
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इस वर्ष आपका स्वास्थ्य ज्यादा ठीक नहीं रहेगा। समय-समय पर आप शारीरिक कष्ट का अनुभव करते रहेंगे। सारे वर्ष केतु अष्टम भावस्थ होने तथा फरवरी से जुलाई को छोड़कर शनि की स्थिति आठवें भावस्थ होने के कारण आप वातजन्य रोगों, उच्च रक्तचाप तथा बुखार आदि से कष्ट पाते रहेंगे। रक्त विकार संबन्धी परेशानी भी आ सकती है। अतः स्वास्थ्य के प्रति सजग रहें। खान-पान पर विशेष ध्यान दें।पारिवारिक सुख-शांति की दृष्टि से यह वर्ष खास अच्छा नहीं रहेगा। राहु दूसरे भावस्थ होने के कारण पारिवारिक तनाव व अशान्ति रहेगी। आपसी कलह क्लेश के रहते संबन्धों में कटुता आएगी। माता-पिता के स्वास्थ्य की दृष्टि से समय अच्छा रहेगा तथा उनसे काफी सहयोग मिलेगा। संतान पक्ष से मन प्रसन्न रहेगा। वे आपकी आशाओं पर खरे उतरेंगे। फरवरी से जुलाई के मध्य स्त्री का स्वास्थ्य अच्छा रहेगा लेकिन शेष समय उन्हें कुछ शारीरिक कष्ट रह सकता है। व्यवसायिक व कार्यक्षेत्र में सफलता की दृष्टि से यह वर्ष सामान्य रहेगा। अक्टूबर से दिसम्बर तक मंगल छठे भाव में स्थिति होने के कारण आपके शत्रु पराजित होंगे तथा आप कार्यक्षेत्र में अपनी कार्य योजनाओं को सफलतापूर्वक पूरा कर लेंगे। धन-ऐश्वर्य की भी आपको प्राप्ति होगी। जनवरी से नवम्बर तक बृहस्पति की शुभ स्थिति ग्यारहवें भाव में होने के कारण आपके भाग्यफल में वृद्घि होगी। आपके सम्मान, प्रभाव व कीर्ति में वृद्घि होगी तथा आप के आय स्त्रोत में भी वृद्घि होगी। इस वर्ष लम्बी दूरी की या विदेश यात्रा सम्पन्न हो सकती है तथा मांगलिक कार्य पर खर्च भी होगा। अन्य व्यय अनुकूल मात्रा में ही होंगे। अतः आप वर्ष भर सन्तुष्ट व शांत रहेंगे।
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इस वर्ष में आपका शारीरिक स्वास्थ्य विशेष अच्छा नहीं रहेगा। आप समय-समय पर शारीरिक कष्ट की अनुभूति करेंगे। फरवरी से जुलाई के मध्य शनि की स्थिति अष्टम भाव में होने के कारण आप बुखार, रक्तचाप व वातजनिक रोगों से कष्ट प्राप्त करेंगे। मंगल अक्टूबर से दिसम्बर के मध्य सातवें भावस्थ होने से रक्त संबन्धी परेशानी उत्पन्न करेगा। अतः खान-पान का विशेष ध्यान रखें। पारिवारिक सुख-स्मृद्घि की दृष्टि से यह वर्ष उत्तम रहेगा। बन्धुजन आपस में मिलजुल कर रहेंगे तथा एक-दूसरे की सुख-दुख में पूरा ध्यान रखेंगे। परिवार में सुखद व शान्त माहौल रहेगा। माता-पिता के स्वास्थ्य के लिए समय अच्छा रहेगा। संतान पक्ष से आपको सुख व प्रसन्नता प्राप्त होगी। वे आपकी आशाओं पर खरे उतरेंगे। स्त्री सुख व स्वास्थ्य की दृष्टि से अक्टूबर से दिसम्बर तक का समय अच्छा नहीं है। शेष पूरे वर्ष से स्वस्थ व प्रसन्न रहेंगी तथा आपको पूर्ण सहयोग प्रदान करेंगी। व्यवसायिक व कार्य क्षेत्र में सफलता की दृष्टि से वर्ष 2007 संघर्ष पूर्ण रहेगा। आपके नौवें भाव में केतु तथा शनि की स्थिति कार्य पूर्ति में बाधाएं उत्पन्न करेगी। इस कारण आपके महत्वपूर्ण कार्य देरी से होंगे। राशि से तृतीय भाव में राहु आपके लिए शुभ फलदायक रहेगा। इसके प्रभाव से आप अपने बुद्घि चातुर्य से कार्यक्षेत्र में मान-सम्मान व प्रतिष्ठ अर्जित करेंगे। आपमें पराक्रम व उत्साह बढ़ेगा। आर्थिक स्थित संतोषप्रद रहेगी तथा आवश्यक मात्रा में धन लाभ प्राप्त करने में सफल रहेंगे। इस वर्ष आप लम्बी दूरी की यात्रा सम्पन्न करेंगे। आपका व्यय सामान्यतः अनुकूल ही होगा। शुभ व मांगलिक कार्य भी सम्पन्न होंगे। अतः मानसिक रूप से आप सन्तुष्ट रहेंगे।
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शारीरिक स्वास्थ्य की दृष्टि से यह वर्ष अच्छा नहीं रहेगा तथा आप समय-समय पर शारीरिक रूप से कष्ट अनुभव करते रहेंगे। अक्टूबर से दिसम्बर के मध्य समय में अष्टम भावस्थ मंगल के प्रभाव से आप पित्त व गर्मी से उत्पन्न रोगों से परेशान रहेंगे। चोटादि का भय भी हो सकता है। पारिवारिक सुख-स्मृद्घि के लिए यह वर्ष उत्तम रहेगा। पारिवारिक जन सुख शान्ति एवं सद्भावना पूर्वक मिल-जुल कर रहेंगे तथा सुख-दुख में एक-दूसरे की पूरी मदद करेंगे। माता-पिता के स्वास्थ्य की दृष्टि से समय ठीक नहीं है। वे समय-समय पर शारीरिक व मानसिक रूप से परेशान रहेंगे। स्त्री सुख व स्वास्थ्य की दृष्टि से समय अच्छा है। स्त्री पक्ष से आपको पूर्ण सहयोग व भरपूर धन लाभ की प्राप्ति होगी। सम्पूर्ण वर्ष सुखमय व्यतीत होगा। व्यवसायिक व कार्यक्षेत्र में सफलता हेतु यह वर्ष कुञ्छ खास नहीं रहेगा। राहु चतुर्थ तथा केतु व शनि की स्थिति फरवरी से जुलाई को छोड़कर दसवें भावस्थ होने के कारण समय-समय पर कार्यपूर्ति होने में बाधाएं आएंगी। साथ ही धनार्जन व उन्नति में परेशानी होगी। अतः आप बुद्घिपूर्वक तथा सावधानी से कार्य करते रहें। सरकारी उच्चाधिकारी की उपेक्षा न करें अन्यथा परेशानी बढ़ सकती है। नौवें भावस्थ शनि भी भाग्य में न्यूनता करेगा। आर्थिक स्थिति भी संतोषप्रद ही रहेगी। इस वर्ष विदेश यात्रा या लम्बी दूरी की यात्रा सम्पन्न हो सकती है। व्यय भी अनुकूल मात्रा में ही होगा, अतः मानसिक रूप से आप संतुष्ट रहेंगे।
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इस वर्ष आपका शारीरिक स्वास्थ्य उत्तम रहेगा तथा परिश्रम व उत्साह के साथ आप अपने महत्वपूर्ण कार्य सम्पन्न करेंगे। आपको अधिकतर कार्यों में सफलता मिलेगी। इसके साथ-साथ आप अध्यात्म की ओर उन्मुख होंगे। आप अन्य जनों की सेवा तथा सहयोग में लगे रहेंगे। फलस्वरूप आपको मानसिक शान्ति प्राप्त होगी तथा आपका समय प्रसन्नतापूर्वक बीतेगा। पारिवारिक सुख-समृद्घि की दृष्टि से यह वर्ष उत्तम रहेगा। सभी बन्धुजन परस्पर प्रेम पूर्वक रहेंगे तथा एक-दूसरे को अपना सहयोग प्रदान करेंगे। माता-पिता के स्वास्थ्य की दृष्टि से फरवरी से जुलाई के मध्य समय ठीक नहीं रहेगा। संतान पक्ष के लिए यह वर्ष अच्छा नहीं है। संतान के प्रति आपका मन चिन्तित रहेगा आपकी उम्मीदों पर वे खरे नहीं उतरेंगे। स्त्री का सुख व स्वास्थ्य उत्तम रहेगा। स्त्रीपक्ष से आपको लाभ भी मिलेगा। व्यवसायिक व कार्य क्षेत्र में सफलता के लिए फरवरी से अप्रैल तक समय मध्यम रहेगा। इस समय शनि दशम भावस्थ होने के कारण कार्यक्षेत्र में कुछ समस्याएं उत्पन्न होंगी। अक्टूबर से दिसम्बर तक मंगल नौवें भाव में स्थिति होने के कारण परिश्रम अधिक व भाग्योन्नति कम प्राप्त होगी। परन्तु सारे वर्ष केतु की तथा कुछ समय केतु की शुभ स्थिति ग्यारहवें भाव में रहने के कारण भाग्य में उन्नति होगी तथा धन लाभ भी आशा के अनुरूप मिलेगा। नौकरी में आपको महत्वपूर्ण पद प्राप्त हो सकता है, जिससे समाज में आपकी मान-प्रतिष्ठस्न बढ़ेगी। आपका यश भी बढ़ेगा। इस वर्ष छुटपुट यात्राएं होती रहेंगी। इसके अलावा व्यय भी अनुकूल मात्रा में ही होगा। अतः आप मानसिक रूप से संतुष्ट व प्रसन्न रहेंगे।
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इस वर्ष में आपका शारीरिक स्वास्थ्य अच्छा रहेगा तथा आपके सभी महत्वपूर्ण कार्य सम्पन्न होंगे। अधिकतर योजनाओं में आपको सफलता मिलेगी। सामाजिक प्राणियों के प्रति आपके मन में करुणा व सहानुभूति की भावना आएगी। असहायजनों की आप सुख-दुख में पूरी मदद करेंगे। अतः आपको मानसिक शांति प्राप्त होगी। पारिवारिक सुख शांति की दृष्टि से यह वर्ष अच्छा है। परिवार के सभी लोग मिलजुल कर प्रेम पूर्वक रहेंगे। सभी परस्पर एक-दूसरे को मदद करेंगे। घरेलू वातावरण सुखमय रहेगा। माता-पिता को कभी-कभी शारीरिक व मानसिक कष्ट हो सकता है। संतान पक्ष से मन प्रसन्न रहेगा। उनका समय उन्नति युक्त है। स्त्री के सुख व स्वास्थ्य के लिए समय अनुकूल है। वे स्वस्थ व प्रसन्न मन से आपको सभी कार्यों में सहयोग करेंगी। उनकी ओर से आपको धन लाभ भी होगा। व्यवसायिक व कार्यक्षेत्र में यह वर्ष सामान्य रूप से उन्नतिशील रहेगा। अक्टूबर से दिसम्बर तक मंगल दशवें भावस्थ होने के कारण कार्यक्षेत्र में व्यर्थ समस्याओं से जूझना पड़ेगा। सारे वर्ष राहु की स्थिति छठे भावस्थ होने के कारण आपको पराक्रम में वृद्घि होगी तथा आप समस्याओं का समाधान करने में सफल रहेंगे। आवश्यकतानुसार आप धन-ऐश्वर्य भी प्राप्त करेंगे। फरवरी से जुलाई के मध्य शनि की ग्यारहवें भाव की स्थिति के कारण आपके आर्थिक स्त्रोतों में वृद्घि होगी तथा प्रचुर मात्रा में धन लाभ भी होगा। आर्थिक स्त्रोत में वृद्घि तथा सामाजिक प्रतिष्ठ व यश में वृद्घि होगी। इस वर्ष लम्बी दूरी की यात्राएं सम्पन्न होंगी। धन का व्यय अधिक मात्रा में होगा जिसके फलस्वरूप यदा कदा चिन्तित रह सकते हैं।
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शारीरिक स्वास्थ्य की दृष्टि से यह वर्ष विशेष अच्छा नहीं रहेगा। केतु तथा शनि की स्थिति राशि में रहने के कारण आप वात-पित्त जन्य रोगों से तथा रक्त विकार संबंधी परेशानी से व्यथित रहेंगे, अतः खान-पान का विशेष ध्यान रखें। पारिवारिक सुख स्मृद्घि की दृष्टि से यह वर्ष उत्तम रहेगा। बन्धुजन मिल-जुल कर रहेंगे तथा परस्पर पूर्ण सहयोग प्रदान करेंगे। माता-पिता का स्वास्थ्य उत्तम रहेगा उनसे आपको लाभ ही मिलेगा। सन्तान पक्ष से आपका मन प्रसन्न्न रहेगा। उनका पूर्ण सुख-सहयोग आप प्राप्त करेंगे। स्त्री का स्वास्थ्य अच्छा नहीं रहेगा। वे विभिन्न प्रकार के शारीरिक व मानसिक कष्ट से पीडि़त रहेंगी। दाम्पत्य सुख व मधुर संबंधों में न्यूनता आएगी। व्यवसाय व कार्यक्षेत्र में लाभ व सफलता प्राप्ति की दृष्टि से यह वर्ष सामान्य रहेगा। आवश्यक धनार्जन व उन्नति की प्राप्ति होती रहेगी। जनवरी से नवम्बर तक बृहस्पति राशि से चौथे भावस्थ होने के कारण कार्य क्षेत्र या आवास परिवर्तन की संभावना रहेगी लेकिन दिसम्बर में आप सरकारी लाभ प्राप्त करने में सफल रहेंगे। इस माह आपका कोई शुभ कार्य भी सम्पन्न होगा। अक्टूबर से दिसम्बर तक मंगल की शुभ स्थिति ग्यारहवें भावस्थ होने के कारण आप भूमि या भवन से लाभ प्राप्त करेंगे। आपके आय स्त्रोतों में भी वृद्घि होगी। आपके मान-सम्मान व दबदबे में वृद्घि होगी। फरवरी से जुलाई के मध्य विदेश यात्रा या लम्बी दूरी की यात्रा सम्पन्न हो सकती है। यात्रा में कष्ट भी हो सकता है। व्यर्थ के खर्चे अधिक होने से मानसिक दबाव रहेगा।
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वर्ष 2007 में आपका स्वास्थ्य ठीक नहीं रहेगा। समय-समय पर आप शारीरिक कष्ट से परेशान रहेंगे। इस वर्ष फरवरी से मई तक आपकी राशि में शनि तथा राशि से आठवें भाव में सम्पूर्ण वर्ष राहु की स्थिति के कारण आप वात रोगों तथा रक्त विकार से परेशान रहेंगे। इस समय में आप खान-पान के प्रति सजग रहें तथा शारीरिक सुरक्षा का पूरा ध्यान रखें। पारिवारिक सुख-समृद्घि की दृष्टि से समय कम अच्छा है। इस समय परिवार में अनावश्यक कलह-क्लेश उत्पन्न होने के कारण घरेलू वातावरण अशान्त रहेगा तथा आपसी संबंधों में खटास आएगी। माता-पिता का स्वस्थ्य अच्छा रहेगा। संतान पक्ष से मन प्रसन्न रहेगा। उनसे पूर्ण सुख-सहयोग प्राप्त होगा। स्त्री का सुख-सहयोग उत्तम रहेगा तथा उनसे आपको अत्याधिक सहयोग मिलेगा। व्यापारिक व कार्य क्षेत्र में इस वर्ष आपको सामान्य उन्नति व सफलताएं अर्जित होंगी। समय-समय पर लाभ अर्जित करने में आप सफल रहेंगे। इस वर्ष जनवरी से नवम्बर के मध्य बृहस्पति की स्थिति राशि से पांचवें भावस्थ के कारण उच्च अधिकारी वर्ग के आपसे सम्पर्क बढेंगे तथा आप उनके सहयोग से लाभ भी प्राप्त करेंगे। व्यापार के क्षेत्र में वृद्घि होगी। भौतिक सुख साधनों में वृद्घि होगी। इस वर्ष लम्बी दूरी की यात्रा या विदेश यात्रा सम्पन्न हो सकती है। आर्थिक खर्च में वृद्घि होगी। अनावश्यक खर्च से मानसिक परेशानी रह सकती है।
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जनवरी से सितम्बर के मध्य आपका शारीरिक स्वास्थ्य अच्छा रहेगा तथा आपके महत्वपूर्ण कार्य परिश्रम और बुद्घि कौशल से पूर्ण होंगे, लेकिन अक्टूबर से दिसम्बर के मध्य मंगल राशि में स्थिति होने केञ् कारण आप वात-पित्त जनित रोगों से परेशान रहेंगे। रक्त विकार या गर्मी से होने वाले रोगों से परेशानी होगी, अतः इस समय पूर्ण पथ्य आदि बरतें। फरवरी से जुलाई के बीच में शनि द्वितीय भावस्थ में होने के कारण परिवार में व्यर्थ का कलह-क्लेश एवं तनाव रहेगा। आपसी मधुरता में कुछ कमी आ सकती है परन्तु शेष वर्ष सुख व स्मृद्घि उत्तम रहेगी। माता-पिता का स्वास्थ्य उत्तम रहेगा। सन्तान पक्ष से आप प्रसन्न व निश्चिंत रहेंगे। उनसे पूर्ण सुख सहयोग आपको मिलेगा। स्त्री सुख व उनका स्वास्थ्य मध्यम रहेगा। वर्ष में कभी-कभी शरीर कष्ट से पीडि़त रहेंगे। व्यापारिक व कार्य क्षेत्र में आपको परिश्रम के बावजूद उन्नति व सफलता मिलेगी। राहु की नवम भावस्थ स्थिति आपके भाग्योदय में बाधा उत्पन्न करेगी। आपके महत्वपूर्ण कार्य पूर्ति में देरी हो सकती है, लेकिन केतु-शनि की राशि से तृतीय भावस्थ स्थिति शुभ रहेगी। आपके पराक्रम व प्रभाव में वृद्घि होगी। समाज में आपका दबदबा बढ़ेगा। शनि के प्रभाव से आप कार्य क्षेत्र में पदोन्नति तथा ऐश्वर्य आदि प्राप्त करेंगे। आपको भवन-भूमि का लाभ भी हो सकता है। आर्थिक दृष्टि से स्थिति संतोषजनक रहेगी।इस वर्ष कम दूरी की यात्राएं अधिक होंगी। विदेश यात्रा के योग कम ही हैं। आपका खर्च भी अनुकूल रूप में होने से आप मानसिक रूप से सन्तुष्ट रहेंगे।
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यह वर्ष शारीरिक स्वास्थ्य की दृष्टि से आपके लिए अच्छा रहेगा। आप पूरे उत्साह व परिश्रम से अपने महत्वपूर्ण कार्यों को पूरा करेंगे। आप के ह्रदय में जनसेवा व सहयोग की भावना भी उत्पन्न होगी। आप सुख-दुख में सामाजिक प्राणियों की सेवा करके आनन्द की अनुभूति प्राप्त करेंगे। पारिवारिक सुख-स्मृद्घि के लिए जनवरी से सितम्बर तक का समय अच्छा रहेगा। सभी बन्धुजन प्रेम पूर्वक मिलजुल कर रहेंगे। परिवार में सुखमय वातावरण रहेगा परन्तु अक्टूबर से दिसम्बर तक द्वितीय भावस्थ मंगल के प्रभाव से परिवार में कलह-क्लेश व अशान्ति का वातावरण रहेगा। माता-पिता को समय-समय पर शारीरिक व मानसिक कष्ट रहेगा। सन्तान पक्ष से इस वर्ष शुभ समाचार प्राप्त होगा। आपकी सभी अपेक्षाएं पूर्ण होंगी। स्त्री स्वास्थ्य व सुख की दृष्टि से समय अच्छा रहेगा। दाम्पत्य सुख उत्तम रहेगा तथा सभी महत्वपूर्ण कार्यों में उनका सहयोग मिलेगा। व्यापारिक व कार्यक्षेत्र में इस वर्ष आपको महत्वपूर्ण उपलब्धियां प्राप्त होंगी। राहु की दशम भावस्थ स्थिति के प्रभाव से आपको अत्याधिक उन्नति प्राप्त होगी। कार्यक्षेत्र में परिवर्तन भी हो सकते हैं। नौकरी या समाज में आपको महत्वपूर्ण पद की प्राप्ति होगी। इस वर्ष आपका स्थानान्तरण या स्थान परिवर्तन हो सकता है। सामाजिक मान-सम्मान में वृद्घि होगी तथा कीर्ति दूर-दूर तक फैलेगी। फरवरी से जुलाई तक तृतीय भावस्थ शनि भी उन्नति दिलवाएगा तथा वैभव में वृद्घि करवाएगा। समाज में आपका प्रभाव बढ़ेगा। आर्थिक दृष्टि से आप मजबूत बनेंगे तथा आय केञ् नए स्त्रोत बनेंगे। इस वर्ष लम्बी दूरी की या विदेश यात्राएं कम होंगी। इसकेञ् अतिरिक्त सांसारिक खर्च अनुकूल मात्रा में ही होंगे। अतः मानसिक प्रसन्नता व शान्ति बनी रहेगी।
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वर्ष 2007 में आपका शारीरिक स्वास्थ्य अच्छा रहेगा तथा आपके महत्वपूर्ण कार्य संपन्न होंगे। परिश्रम के बल पर आपको अधिकांश कार्यों में सफलता ही मिलेगी। लेकिन जनवरी से नवम्बर तक बृहस्पति की स्थिति राशि से अष्टम भाव में रहने के कारण आपको यदा-कदा पेट संबंधी परेशानी आती रहेगी। पारिवारिक सुख व स्मृद्घि के लिए यह वर्ष उत्तम रहेगा। सभी बन्धु-बान्धव प्रेम पूर्वक रहेंगे तथा एक-दूसरे को परस्पर पूरी मदद व साथ प्रदान करेंगे। परस्पर संबंधों में मधुरता रहेगी। माता-पिता की सेहत की दृष्टि से फरवरी से जुलाई का समय ठीक नहीं है। सन्तान पक्ष से इस वर्ष आप चिन्तित रहेंगे। वे आपकी आशाओं पर खरे नहीं उतरेंगे लेकिन फिर भी आपसी तारतम्य बनाए रखें। स्त्री सुख व स्वास्थ्य के लिए समय उत्तम है। उनका पूर्ण सहयोग आपको प्राप्त होता रहेगा। व्यापारिक व कार्य क्षेत्र में सफलता की दृष्टि से यह वर्ष महत्वपूर्ण रहेगा। राहु की शुभ स्थिति राशि से एकादश भाव में रहने के कारण आपको कार्यक्षेत्र में मनोवांच्छित उन्नति व सफलता प्राप्त होगी। अधिक धन लाभ अर्जित करने में आप समर्थ रहेंगे। पदोन्नति तथा सामाजिक मान-सम्मान प्राप्त होगा। अक्टूबर से दिसम्बर तक तृतीय भावस्थ मंगल के प्रभाव से आपके पराक्रम तथा प्रभाव में वृद्घि होगी तथा आपके सुख-वैभव तथा धन में भी वृद्घि होगी। नौवें भावस्थ बृहस्पति के कारण दिसम्बर माह में कोई शुभ या महत्वपूर्ण कार्य सम्पन्न हो सकता है। आर्थिक दृष्टि से आपकी स्थिति सुदृढ़ होगी तथा आपके स्त्रोतों में भी वृद्घि होगी। इस वर्ष में लम्बी यात्राएं कम होंगी परन्तु समीपस्थ यात्राएं समय-समय पर होती रहेंगी। इसके अतिरिक्त व्यय भी अनुकूल मात्रा में ही होगा। अतः मानसिक रूप से आप प्रसन्न एवं सन्तुष्ट रहेंगे।
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