धनु - वार्षिक भविष्य फल 2007
Apr 23rd, 2007 by admin
इस वर्ष में आपका शारीरिक स्वास्थ्य विशेष अच्छा नहीं रहेगा। आप समय-समय पर शारीरिक कष्ट की अनुभूति करेंगे। फरवरी से जुलाई के मध्य शनि की स्थिति अष्टम भाव में होने के कारण आप बुखार, रक्तचाप व वातजनिक रोगों से कष्ट प्राप्त करेंगे। मंगल अक्टूबर से दिसम्बर के मध्य सातवें भावस्थ होने से रक्त संबन्धी परेशानी उत्पन्न करेगा। अतः खान-पान का विशेष ध्यान रखें। पारिवारिक सुख-स्मृद्घि की दृष्टि से यह वर्ष उत्तम रहेगा। बन्धुजन आपस में मिलजुल कर रहेंगे तथा एक-दूसरे की सुख-दुख में पूरा ध्यान रखेंगे। परिवार में सुखद व शान्त माहौल रहेगा। माता-पिता के स्वास्थ्य के लिए समय अच्छा रहेगा। संतान पक्ष से आपको सुख व प्रसन्नता प्राप्त होगी। वे आपकी आशाओं पर खरे उतरेंगे। स्त्री सुख व स्वास्थ्य की दृष्टि से अक्टूबर से दिसम्बर तक का समय अच्छा नहीं है। शेष पूरे वर्ष से स्वस्थ व प्रसन्न रहेंगी तथा आपको पूर्ण सहयोग प्रदान करेंगी। व्यवसायिक व कार्य क्षेत्र में सफलता की दृष्टि से वर्ष 2007 संघर्ष पूर्ण रहेगा। आपके नौवें भाव में केतु तथा शनि की स्थिति कार्य पूर्ति में बाधाएं उत्पन्न करेगी। इस कारण आपके महत्वपूर्ण कार्य देरी से होंगे। राशि से तृतीय भाव में राहु आपके लिए शुभ फलदायक रहेगा। इसके प्रभाव से आप अपने बुद्घि चातुर्य से कार्यक्षेत्र में मान-सम्मान व प्रतिष्ठ अर्जित करेंगे। आपमें पराक्रम व उत्साह बढ़ेगा। आर्थिक स्थित संतोषप्रद रहेगी तथा आवश्यक मात्रा में धन लाभ प्राप्त करने में सफल रहेंगे। इस वर्ष आप लम्बी दूरी की यात्रा सम्पन्न करेंगे। आपका व्यय सामान्यतः अनुकूल ही होगा। शुभ व मांगलिक कार्य भी सम्पन्न होंगे। अतः मानसिक रूप से आप सन्तुष्ट रहेंगे।