असुरक्षित दिल्ली (अंक 38)
Posted in चेतन वाणी on Apr 28th, 2008 No Comments »
आम आदमी रोता है तो रोने दो
खून खराबा होता है तो होने दो
हत्याएं सरेआम हो रही दिल्ली में
राजा अपना सोता है तो सोने दो।
सम्पादकीय |
कार्टून |
चेतन वाणी |
दिल्ली उंचा सुनती है |
दिल्ली दर्शन |
विशेष समाचार |
भविष्यफल |
विविधा |
मित्र को बताएं
परिचय |
अपनी दिल्ली परिवार |
अपनी दिल्ली सम्मान |
अपनों की नज़र में |
चित्र दीर्घा |
आडियो / विडियो
सुझाव / शिकायत |
सम्पर्क करें |
महत्वपूर्ण लिंकस |
सदस्यता फार्म |
विज्ञापन फार्म
Posted in चेतन वाणी on Apr 28th, 2008 No Comments »
आम आदमी रोता है तो रोने दो
खून खराबा होता है तो होने दो
हत्याएं सरेआम हो रही दिल्ली में
राजा अपना सोता है तो सोने दो।
Posted in चेतन वाणी on Apr 14th, 2008 No Comments »
नई सुबह और नया सवेरा लाया है
राग खुराना फिर से उसने गाया है
सर्कस से जो शेर निकलकर भागा था
हाथ जोड़ कर फिर सर्कस में आया है।
Posted in चेतन वाणी on Apr 9th, 2008 No Comments »
बजट का मटका देखो कैसे फूटा है
आम आदमी बिल्कुल टूटा-टूटा है
महंगाई का पंजा जम कर मार दिया
यू पी ए ने मिलकर हमको लूटा है।
सम्पादकीय |
कार्टून |
चेतन वाणी |
दिल्ली उंचा सुनती है |
दिल्ली दर्शन |
विशेष समाचार |
भविष्यफल |
विविधा |
मित्र को बताएं
परिचय |
अपनी दिल्ली परिवार |
अपनी दिल्ली सम्मान |
अपनों की नज़र में |
चित्र दीर्घा |
आडियो / विडियो
सुझाव / शिकायत |
सम्पर्क करें |
महत्वपूर्ण लिंकस |
सदस्यता फार्म |
विज्ञापन फार्म