असुरक्षित दिल्ली (अंक 38)
Apr 28th, 2008 by admin
आम आदमी रोता है तो रोने दो
खून खराबा होता है तो होने दो
हत्याएं सरेआम हो रही दिल्ली में
राजा अपना सोता है तो सोने दो।
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