अभिनव बिंद्रा (अंक 2)
Sep 2nd, 2008 by admin
अभिनव बिंद्रा पदक तुमहारा पावन है
तेरी शूटिंग सच में ही मनभावन है
सौ वर्षों से स्वर्ण पदक की प्यास लिए
पदक नहीं लगता आंखों में सावन है।
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