Posted in चेतन वाणी on Oct 31st, 2008 No Comments »
अस्थि ढेर को देख के रघुवर किया विचार
दानव दल पर अब हमें करना है प्रहार
करना है प्रहार आतंकी घूम रहे हैं
निर्दोषों के खून को पी कर झूम रहे हैं
राम के पद चिन्हों पर चल आतंक मिटायें
इसी भाव से दिवाली पर दीप जलायें
Read Full Post »
Posted in चेतन वाणी on Oct 31st, 2008 No Comments »
चाहे हो मल्होत्रा या शीला सरकार
जनता अब है नहीं नेताओं को प्यार
नेताओं को प्यार चुनावी बिगुल बजा है
टिकट बांटने नेता का दरबार सजा है
कह चेतन कविराय टिकट की महिमा न्यारी
नेता जी की जीत सदा जनता तो हारी
Read Full Post »
Posted in चेतन वाणी on Oct 13th, 2008 No Comments »
गद्दारों से कदम-कदम पर द्वंद करो
जनमानस की रक्षा का प्रबंध करो
आतंकवाद के वकील बने जो घूम रहे
अमर सिंह को अब तिहाड़ में बंद करो
Read Full Post »
Posted in चेतन वाणी on Oct 13th, 2008 No Comments »
सार्वजनिक स्थलों पर नहीं होगा धूम्रपान
रामदोस जी ने किया खुल कर ये एलान
खुल कर ये एलान, करेंगे अब जुर्माना
बीड़ी, सिगरेट देख-भाल कर ही सुलगाना
कहे चेतन कविराय नियम लगता है भारी
कानून को तोड़ेंगे अपनी है लाचारी
Read Full Post »
Posted in चेतन वाणी on Oct 13th, 2008 No Comments »
गोयल जी तो गोल हैं, डॉकटर हैं नाराज
दिल्ली में अब आएगा मल्होत्रा का राज
मुखी जी परेशान हैं, अरुण भी है बेचारा
खुराना तो अपने आपसे खुद ही हारा
कहे चेतन कविराय बुढ़ापा सबसे आगे
नौजवान हैं पीछे-पीछे और अभागे
Read Full Post »