मल्होत्रा (वर्ष-6, अंक 8)
Oct 13th, 2008 by admin
गोयल जी तो गोल हैं, डॉकटर हैं नाराज
दिल्ली में अब आएगा मल्होत्रा का राज
मुखी जी परेशान हैं, अरुण भी है बेचारा
खुराना तो अपने आपसे खुद ही हारा
कहे चेतन कविराय बुढ़ापा सबसे आगे
नौजवान हैं पीछे-पीछे और अभागे