दिवाली (वर्ष-6, अंक 12)
Oct 31st, 2008 by admin
अस्थि ढेर को देख के रघुवर किया विचार
दानव दल पर अब हमें करना है प्रहार
करना है प्रहार आतंकी घूम रहे हैं
निर्दोषों के खून को पी कर झूम रहे हैं
राम के पद चिन्हों पर चल आतंक मिटायें
इसी भाव से दिवाली पर दीप जलायें