अब दीवार और छतें भी पढ़ाएंगी बच्चों को (अंक-25)
Feb 4th, 2008 by admin
नई दिल्ली। दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने कहा है कि सीखने की नई कला से बच्चे पारंगत बन सकेंगे और जीवन की चुनौतियों का सफलतापूर्वक मुकाबला कर सकेंगे। श्रीमती दीक्षित ने सावदा घेवरा जेजे कालोनी में एक अनूठे नए स्कूल भवन का शुभारंभ किया। इस अवसर पर स्थानीय सांसद सज्जान कुमार, शिक्षामंत्री अरविन्दर सिंह लवली, शिक्षा सचिव रीना रे आदि भी उपस्थित थे।
नया भवन, शिक्षा विभाग की नवीनतम पहल बाला के अनुरूप तैयार किया गया है। बाला का मकसद छतों, दीवारों, खम्भों, सीढि़यों, दरवाजों, छत पर लगे पंखों, पेड़ों और वर्षा की बूंदों की मदद से बच्चों को सिखाना है। खेल-खेल में सीखने वाली बाला योजना केञ् अंतगर्त सीखने को आसान बनाया गया है और गणित के चुनौतीपूर्ण सवालों को जादू की तरह हल करने की राह दिखाई गई है। इसके अंतर्गत बच्चे खुद-ब-खुद की नई-नई बातों को सीखते हैं और उन पर कहीं-कहीं किताबों की कठिन भाषा और अपने शिक्षकों केञ् पारंपरिक तरीके का बोझ नहीं रहता।
श्रीमती दीक्षित ने शिक्षा विभाग की इस साहसपूर्ण पहल की प्रशंसा करते हुए कहा कि खेल खिलौने, तस्वीरों से कुछ सीखना आसान और रोचक लगता है और बच्चों को बार-बार स्कूल आने की प्ररेणा मिलती है। मुख्यमंत्री ने इस अनूठी कला को देखा जहां सीढि़यों पर संखाएं लिखी थीं और बच्चे उनकी मदद से जमा घटा, गुणा भाग करना सीख रहे थे।
उन्होंने कहा कि इस कला को दिल्ली के अन्य सभी स्कूलों तक ले जाने की कोशिश की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा ऐसी दौलत हैं जिसे कोई लूट नहीं सकता और यह कभी व्यर्थ नहीं जाती। भविष्य में केपीओ और बीपीओ जैसे क्षेत्र में पढ़े-लिखे लोगों की मांग होने वाली है। उन्होंने छात्राओं के कार्यक्रम से प्रभावित हो कर कहा कि ये सभी छात्राएं निडर और साहसी, खुले दिमाग की हैं। इन सब पर हम सबको गर्व है। उन्होंने सभी उपस्थित विद्यार्थियों और छात्राओं को धन्यवाद देते हुए कहा कि इस कला के माध्यम से इस अनूठे स्कूल की कामयाबी को दिल्ली के कोने-कोने तक पहुंचाना जरूरी है।
शिक्षामंत्री अरविन्दर सिंह ने अपने विभाग की इस योजना की विस्तारपूर्वक जानकारी देते हुए कहा कि पुर्नवास बस्ती में शिक्षा की क्रञंति की नई शुरूआत की जा रही है।
उन्होंने कहा कि आठ माह के भीतर दो स्कूल खोले गए हैं। दिल्ली सरकार सभी बच्चों को गुणवात्तापूर्ण शिक्षा देना चाहती है। श्री सिंह ने कहा कि यह स्कूल समूची दिल्ली के लिए आदर्श बन जाएगा। यह स्कूल घेवरा में उन बच्चों के लिए खोला गया हैं जिनके परिवारों को अन्य स्थानों से हटाकर यहां बसाया गया है। उन्होंने अभिभावकों से कहा कि वे पढ़ने और आगे बढ़ने के लिए अपने बच्चों को स्कूल भेजें। उन्होंने विभिन्न एनजीओ से कहा कि वह स्कूलों में बच्चों को भेजने के लिए रचनात्मक योगदान दें। शिक्षामंत्री ने कहा कि दाखिले की प्रक्रिया जटिल नहीं होनी चाहिए। जटिल शिक्षा होने के कारण सर्वशिक्षा अभियान में बाधा उत्पन्न हो सकती है।
उन्होंने यह भी बताया कि दिल्ली में हर महीने एक नया स्कूल खोला गया जो कि एक अनूठा रिकार्ड है। नौ वर्ष में 112 स्कूल खोले जाना कामयाबी की एक अनूठी कहानी है शिक्षा सचिव श्रीमती रीना रे ने धन्यवाद ज्ञापन दिया। इस अवसर पर बच्चों ने विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। महाराष्ट्र की लावणी और राजस्थान के भूगावीर नृत्य ने समा बांधा दिया।