युवा स्नातक भागीदारी योजना में भागीदार बनें: शीला (अंक 39)
May 6th, 2008 by admin
नई दिल्ली। दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती शीला दीक्षित ने युवा इंजीनियरों को संबोधित करते हुए कहा कि वैश्विक विकास के इस युग में उन्हें आम जनता की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विकास कार्य करने चाहिए। उन्होंने कहा कि हमारे इंजीनियरों के समक्ष आज देश को परम्परागत विकास के क्षेत्र में आगे ले जाने की सबसे बड़ी चुनौती है और उन्हें अपनी प्रतिभा का प्रयोग कर समाज के विश्व के सबसे अच्छे ज्ञान नगरों में से एक बनाने के लिए कृतसंकल्प है। मुख्यमंत्री आज उत्तरी दिल्ली के बवाना स्थित स्थिति दिल्ली कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के दीक्षांत समारोह में छात्रों को संबोधित कर रही थीं। इस अवसर पर उन्होंने शिक्षा की गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए उप-राज्यपाल स्वर्ण पदक और मुख्यमंत्री स्वर्ण पदक और अन्य छात्रों को डिग्रियां वितरित की।
श्रीमती दीक्षित ने डीएसई के स्नातकों केञ् उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने विभिन्न प्रकार के अनुसंधार जैसे मून रोवर, सौर वाहन, जलगत वाहन, अनमैंड एरियल वाहन और एफ-1,ए-टी.वी., एसएमवी आदि करके पूरे विश्व में अपनी ख्याति अर्जित की है। उन्होंने आगे कहा कि वे एक नए इंजीनियरिंग व्यवसाय के माध्यम से एक विश्वस्तर के लघु और मध्यम उद्योगों को विकसित करने के लिए नई प्रणाली का निर्माण कर सकते हैं। उन्होंने साथ-साथ तकनीकी विज्ञान के समुचित विकास के लिए कॉलेज और उद्योग जगत के मध्य सहयोग पर बल दिया। उन्होंने युवा स्नातकों को भागीदारी योजना का निमंत्रण देते हुए कहा कि इससे दिल्लीवासियों के ज्ञान और अनुभव में वृद्घि होगी।
इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के तकनीकी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर वेदव्रत ने अपने दीक्षांत भाषण में कहा कि डीसीई के प्रयासों से समाज को ही नहीं बिल्क पूरे देश को फायदा हुआ है। उन्होंने छात्रों का आह्वान किया वे इंजीनियरिंग एवं तकनीक के माध्यम से इस देश के लोगों की जिंदगी बेहतर बनाने के लिए कार्य करे। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि उच्च क्षमता वाली तकनीकी जिंदगी को बेहतर बनाने के लिए कार्य करे। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि उच्च क्षमता वाली तकनीकी शिक्षा एक आदर्श शिक्षक पर ही निर्भर करती है जिसकी आज के समय में बहुत कमी खल रही है। उन्होंने प्रतिभाशाली इंजीनियरों को शिक्षा अनुसंधान जैसे व्यवास को अपनाने पर जोर दिया।
कॉलेज के निदेशक प्रोफेसर अशोक भट्टाचार्य ने कहा कि डीएसई में तकनीक और विज्ञान के क्षेत्र में अनुसंधान करने की परंपरा का निर्वाह करते हुए क्षेत्रों जैसे वैकल्पिक ईंधन, कंपोजिट मैटेरियल, कंडक्टिंग मैटेरियल, वीएसएलआई डिजाइन और एम्बेडिड सिस्टम, इमेजप्रोसेसिग, इन्फोरेमेशन सिक्योरिटी वाटर, क्वालिटी, भूकंप इंजीनियरिंग, डिजास्टर मैजेमेंट और नैना टेक्नोलॉजी आदि में नयी ऊचाइयों को छूआ है।
इस अवसर पर राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, भोपाल के कुलपति प्रोफेसर पी.बी. शर्मा और दिल्ली सरकार के तकनीकी शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. नरेन्द्र कुमार ने अपने विचार रखे।
इससे पहले मुख्यमंत्री ने बीई की 456, बी. टेक की 101 व पोस्ट गे्रेजुऐट की 132 उपाधियां सफल छात्रों को वितरित की। उन्होंने उपराज्यपाल का स्वर्ण पदक अल्पेश चड्ढा को उनके शैक्षणिक व्यावसायिक व शिक्षणेतर गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए एवं मुख्यमंत्री स्वर्ण पदक ललित कुमार को प्रदान किया।