नई दिल्ली। दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती शीला दीक्षित ने कहा है कि राजधानी में जच्चा-बच्चा स्वास्थ्य देखभाल का दायरा बढ़ाने के लिए सरकार भरसक प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि स्वसथ माँ से स्वस्थ शिशु, स्वस्थ समाज और स्वस्थ देश का निर्माण होता है। जच्चा-बच्चा स्वास्थ्य देखभाल के समय अगर सभी संभावित बीमारियों की आशंका समाप्त कर दी जाये ओर हर प्रकार के टीके समय पर शिशु को लगवाये जायें तो बीमारियों के प्रकोप को संकुचित किया जा सकता है। श्रीमती दीक्षित आज श्री दादा देव मातृ एवं शिशु चिकित्सालय, डाबड़ी में ओपीडी सेवाओं के उदघाटन अवसर पर जनसमूह को संबोधित कर रही थीं। 44 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले 64 बिस्तर के इस अस्पताल का हालांकि अभी कुछ निर्माण कार्य शेष है लेकिन यहां ओपीडी सेवाओं की शुरुआत कर स्थानी यगरीब और जरूरतमंद महिलाओं और बच्चों की स्वास्थ्य देखभाल की व्यवस्था चालू कर दी गई है। समारोह में दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. योगानंद शास्त्री ने मुख्य अतिथी के रूप में और स्थानीय सांसद श्री सज्जान कुमार ने सम्मानित अतिथि के रूप में भाग लिया। समारोह की अध्यक्षता स्थानीय विधायक श्री महाबल मिश्रा ने की।
श्रीमती दीक्षित ने कहा कि इस अस्पताल को कुछ महीनों में पूरी तरह चालू कर दिया जाएगा और यह अस्पताल जच्चा-बच्चा स्वास्थ्य देखभाल के क्षेत्र में आदर्श केंद्र बनकर सामने आयेगा। उन्होंने कहा कि जच्चा-बच्चा की देखभाल केञ् लिए आंगनवाड़ी कार्यकर्ता भी महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। दिल्ली सरकार का यह लक्ष्य है कि शिशुओं में बीमारियों की आशंका पूरी तरह समाप्त कर दी जाये। निरोगी शिशु ही पूरी तरह सक्रिय और सजग बचपन का आनंद ले सकता है।
श्रीमती दीक्षित ने यह भी कहा कि देश के नौनिहाल यदि स्वस्थ होंगे तो देश तेजी से प्रगति कर सकेगा। उन्होंने कहा कि पश्चिमी दिल्ली में 750 बिस्तर के अतिआधुनिक अस्पताल का निर्माण कार्य द्वारका में शुरु होने वाला है। इससे इस क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को सर्वोत्तम बनाने में मदद मिल सकेगी। श्रीमती दीक्षित ने कहा कि दिल्ली सरकार ने विगत नौ वर्षों में कई नए अस्पताल जनता को समर्पित किए हैं। इतना ही नहीं अस्पतालों में रख-रखाव और आधुनिक सेवाओं ओर परीक्षण सेवाओं की उपलब्ध पर भी जोर दिया जा रहा है। सरकार की लाडली योजना से कन्या के जन्म को समाज के लिए महत्वपूर्ण साबित करने का प्रयास किया गया है। कन्याओं को शिक्षित करने में भी यह योजना उल्लेखनीय योगदान देगी। उनकी सरकार चाहती है कि माँ और लड़की दोनों को पूरा सम्मान दिया जाए क्योंकि कन्या जब बोलने लगती है तो सबसे पहले उसके मुंह से माँ शब्द निकलता है। श्रीमती दीक्षित ने विश्वास व्यक्त किया कि दिल्ली सरकार स्वास्थ्य के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर सकेगी।
श्रीमती दीक्षित ने कहा कि उनकी सरकार समाज के हर वर्ग के कल्याण के प्रति सजग है। दिल्ली में विधवा, वरिष्ठस्न् नागरिक और विकलांग पेंशन को बढ़ाया गया है जो अब पूरे देश में सबसे अधिक है। अब 1,000 रुपए प्रतिमाह पेंशन मिल रही है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में हरी-हरी बसें न केवल यात्रियों के लिए सुविधाजनक हैं बल्कि वह इस बात का भी प्रतीक हैं कि दिल्ली का हरित क्षेत्र निरंतर बढ़ रहा है। प्रदूषण पर नियंत्रण करने के दिल्ली सरकार के प्रयासों की सबने सराहना की है। दिल्ली में सीएनजी से चलने वाली बसों का विश्व का सबसे बड़ा बेड़ा है। युवकों को रोजगार देने के मामले में दिल्ली सरकार ने पिछले दिनों आईटीआई छात्रों को 3000 नौकरीयां मुहैया कराने में मदद दी।
समारोह को संबोधित करते हुए डॉ. योगानंद शास्त्री ने केवल दिल्ली के लोगों की स्वास्थ्य देखभाल करते हैं बल्कि पड़ोसी राज्यों के लोग भी इससे फायदा उठाते हैं। स्वास्थ्य विभाग ने दिल्ली में अस्पतालों के अलावा औषधालयों को भी आधुनिक बनाने का काम शुरु कर दिया है। सरकार, दिल्ली नगर निगम के 32 जच्चा-बच्चा केंद्रों को भी सुचारू बनाने के लिए बड़ी धनराशि खर्च करने वाली है। स्थानीय सांसद श्री सज्जान कुमार ने कहा कि दिल्ली के चहुंमुखी विकास से आम आदमी को फायदा मिल रहा है और आने वाले समय में सुविधाओं का दायरा और बढ़ेगा। स्थानीय विधायक श्री महाबल मिश्रा ने कहा कि लोगों की भावनाओं को देखते हुए इस अस्पताल नाम श्री दादा देव मातृ एवं शिशु चिकित्सालय रखा गया है।