नव वर्ष में नई उम्मीदें (अंक 21)
Dec 31st, 2007 by admin
हम नए साल में प्रवेश कर रहे हैं। हर कोई चाहता है कि हमारा प्रवेश भी सुखद हो और प्रस्थान भी। 2007 का आकलन किया जाए तो यह साल कई लोगों के लिए अच्छे पैगाम लेकर आया है। सबसे पहले बात करें राजनैतिक पार्टियों की। राजनैतिक पार्टियों में या कहें कि राजनीति में भाजपा के लिए यह साल बड़ा ही शुभ रहा। जाते-जाते इस साल ने भाजपा को हिमाचल प्रदेश की सत्ता पर भी काबिज करा दिया। इससे पहले गुजरात में नरेंद्र मोदी ने सभी अटकलों को खारिज करते हुए भाजपा को भारी जीत दिलायी। यानीकि अगले पांच साल के लिए इन दो और प्रदेशों में भाजपा का शासन हो गया। गुजरात और हिमाचल की जीत को दिल्ली की गद्दी का रास्ता माना जा रहा है। लाल कृष्ण आडवाणी भले ही प्रधानमंत्री नहीं बन पाए हों लेकिन पार्टी की तरफ से उनके नाम की घोषणा से उन्हें बड़ा ही सुकून मिला होगा। कांग्रेस के लिए यह साल बहुत शुभ नहीं रहा।
वहीं मायावती ने उत्तम प्रदेश में बहुमत लाकर 20 साल पुराने इतिहास को दोहराया। जहां तक दिल्लीवासियों का सवाल है तो यह साल उनके लिए भी ठीक रहा। भाजपा ने यहां भी नगर निगम पर अपना कब्जा जमा लिया। हालांकि लगभग साल भर अवैध निर्माण व अतिक्रमण के नाम पर दिल्ली में तोड़फोड़ चलती रही लेकिन साल के अंत में सरकार का यह ऐलान कि सभी अनधिकृत कालोनियों को नियमित कर दिया जाएगा, लाखों लोगों के लिए राहत लेकर आया। सरकार ने यह भी घोषणा कर दी कि अधिकतर अनधिकृत कालोनी सरकारी जमीन पर नहीं बसी हैं। उनके विकास के लिए सरकार ने फंड भी तय कर दिया है।
शराब प्रेमियों को भी सरकार ने इस साल खुश कर दिया। इतना ही नहीं उनके नशे को बढ़ाने के लिए सरकार ने बार टेंडर की नौकरी में लड़कियों को भी इजाजत दे दी साथ ही पूरी रात मयखाने खुले रखने की योजना बनाई जा रही है। कुल मिलाकर दिल्ली में खाने-पीने और एय्याशी के पूरे इंतजाम कर दिए गए हैं। राष्ट्रल खेल ही सही लेकिन दिल्ली में बड़े-बड़े मॉल, फलाईओवर, ब्रिज, अंडर पास एवं होटल निर्माण के लिए नींव रख दी गई है। यानी कि दो साल बाद दिल्ली का रंग रूप सब कुछ बदला होगा।
अगले साल अर्थात 2008 में दिल्ली विधानसभा का चुनाव भी होना है, विधानसभा पर पिछले दस सालों के कांग्रेस का कब्जा है। 2007 में तो जो कुछ होना था चाहे वह गलत हुआ या सही, हो गया। लेकिन अब विधानसभा चुनाव जीतने के चक्कर में वर्तमान कांग्रेस सरकार व विपक्षी भाजपा दोनों ही कुर्सी पर काबिज होने के लिए जनता की नजर में अच्छे से अच्छा बनने व करने की कोशिश करेंगे। जिसके चलते उम्मीद है कि नव वर्ष में दिल्ली की जनता को कुछ राहतें नसीब हो जाएंगी।