चारों ओर होली की मस्ती (अंक 32)
Mar 18th, 2008 by admin
लगता है इस बार की होली सबके लिए अच्छी होने वाली है। किसानों से लेकर व्यापारियों तक, रीयल एस्टेट के कारोबारियों तक, सबके लिए होली का रंग ज्यादा गुलाबी नजर आ रहा है। इधर दिल्ली के रिहायशी इलाकों में भी होली पर सुप्रीम कोर्ट ने खुशखबरी दे दी है। सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में चौथी मंजिल बनाने की दिल्लीवासियों को इजाजत दे दी है। इससे दिल्ली के लगभग 15 लाख लोगों को फायदा होने वाला है। अब मकान अधिक उपलब्ध होंगे तथा अवैध बस्तियों की आवश्यकता नहीं रह जाएगी। यानी कि होली के अवसर पर सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के साथ मिलकर मकान की समस्या हल कर दी। सरकार ने ही सुप्रीम कोर्ट में यह हलफनामा दिया है कि मकानों की संस्था अधिक होने पर वह बुनियादी सुविधा बिजली, पानी उपलब्ध कराने में सक्षम है।
अब बात करें भोजन की। भोजन की पूर्ति दूसरे शब्दों में खाद्य पदार्थों की पूर्ति हमारे किसान करते हैं। किसानों की दशा सुधारने के लिए सरकार कुछ ज्यादा ही मशक्कत कर रही है। बजट के भाषण के दौरान सरकार ने म् हजार करोड़ ऋणमाफी की घोषणा कर दी है। माना जा रहा है कि इससे चार हजार करोड़ किसान भाइयों को लाभ मिलेगा। सरकार उन किसानों को भी कर्जमुक्त करने की योजना बना रही है जो साहूकारों के चंगुल में हैं। कारोबारियों के लिए इसलिए यह होली अच्छी रहेगी कि अमूमन हर चीज में तेजी है। उन्हें अच्छा मुनाफा मिल रहा है। रीयल एस्टेट के क्षेत्र में तो पूछने की बात ही नहीं है। यहां तो हर तरफ बल्ले ही बल्ले है।
सोने का बाजार भी कुछ ज्यादा ही चमक रहा है। आपको पता है सरकार ऐसा क्यों कर रही है। सरकार ऐसा इसलिए कर रही है कि वह अपनी आगामी पांच साल की होली में जय-जय रखना चाहती है। सरकार इस बार आम जनता की होली को खुशबूदार बनाकर अपनी होली में जनता के वोट के घोल से पांच साल के लिए अपनी कुर्सी को मजबूत करना चाहती है। किसान से लेकर कारोबारियों तक के वोट को अपने हक में करने की पूरी तैयारी की जा चुकी है। सरकारी कर्मचारियों को सरकार अगले महीने उनके नए वेतनमान को लागू कर उन्हें खुश करने जा रही है।
जहां तक कपड़े का सवाल है तो हमारे देश में अब गर्मी का महीना आ गया है। गर्मी में जब दिल्ली जैसे शहर में बिजली नहीं होती है तो अन्य शहरों का क्या हाल होगा आप खुद ही अनुमान लगा सकते हैं। जब गरमी अधिक होगी तो कपड़े पहनने की जरूरत ही कहां पड़ेगी। वैसे भी हमारे देश के मेट्रो शहरों में कम कपड़े पहनने का रिवाज भी चल पड़ा है और होली में तो लोग कपड़े पहनते भी नहीं हैं। यानीकि सरकार ने होली को रंगीन बनाने की पूरी तैयारी कर ली है। लेकिन आप इस नशे में न बहकें और आगामी चुनाव में अपने वोट का इस्तेमाल सोच समझ कर करें।