संबंधों की हत्या (अंक 42)
May 27th, 2008 by admin
नोएडा में हुए डबल मर्डर के खुलासे ने जहां एक ओर समाज में तेजी से बढ़ रहे अवैध संबंधों की कलई खोल कर रख दी, वहीं पारिवारिक रिश्तों को भी तार-तार कर दिया। पुलिस ने इस मामले में मृतका आरूषि के पिता डॉ. राजेश तलवार को गिरफतार कर लिया। पुलिस ने इस डबल मर्डर केस को सुलझा लेने का दावा करते हुए कहा है कि आरूषि व नौकर हेमराज की हत्या डॉ. तलवार ने ही की है। पुलिस ने इस हत्याकांड के लिए अवैध संबंधों को दोषी माना है। पुलिस के मुताबिक मृतका आरूषि के पिता डॉ. तलवार के एक अन्य डॉ. महिला के साथ अवैध संबंध थे। इन संबंधों के बारे में मृतका आरूषि को भी पूरी जानकारी थी और वह इस बात को लेकर कई बार अपने पिता डॉ. तलवार से तकरार भी कर चुकी थी। पुलिस के मुताबिक डॉ. तलवार के इस अवैध संबंध की जानकारी उनके घरेलू नौकर हेमराज को भी थी। इसी दौरान आरूषि व नौकर हेमराज के बीच भी घनीष्ठता बन गई थी जो धीरे-धीरे अवैध संबंधों में बदल गई थी और आरूषि व नौकर हेमराज की यही घनीष्ठता डॉ. तलवार को पसंद नहीं थी। जिसका परिणाम अंततः आरूषि व हेमराज की हत्या के रूप में सामने आया।
अवैध संबंधों को लेकर की गई हत्या का यह कोई पहला मामला नहीं है। आए दिन अवैध संबंधों के कारण पति द्वारा पत्नी की, पत्नी द्वारा पति की, बाप द्वारा बेटे की, बेटा द्वारा बाप की, बेटे द्वारा मां की अथवा बाप द्वारा बेटी की हत्या करने के मामले प्रकाश में आते रहे हैं। आज समाज के सामने सबसे बड़ा यक्ष प्रश्न यह है कि आखिर ऐसी कौन सी मजबूरी है जिस कारण कोई भी लड़का अथवा लड़की या विवाहित स्त्री अथवा पुरुष अवैध संबंध बनाने पर मजबूर हो जाते हैं। जबकि अवैध संबंध बनाने वाले ऐसे लोगों को इस बात का भी इल्म होता है कि भविष्य में इसका नतीजा बुरा ही होगा।
यदि इस मामले में गहराई से सोचा जाए तो इन घटनाओं के पीछे कहीं न कहीं समाज पर हावी होती पाश्चात्य संस्कृत व टी.वी. पर चलने वाले बेहूदा तथाकथित पारिवारिक सीरियल हैं। जिनका सीधा असर हमारे समाज के लोगों पर पड़ रहा है। पश्चिमी देशों में ऐसे संबंधों को भले ही अवैध न माना जाता हो लेकिन भारत जैसे देश में अभी इन संबंधों को सहजता से स्वीकार नहीं किया जा सकता। आजकल टी.वी. पर दिखाए जाने वाले तथाकथित अधिकांश घरेलू सीरियलों की कहानी में अवैध संबंधों को बढ़ा-चढ़ा कर दिखाया जाता है, जिसका असर भी हमारे समाज पर पड़ रहा है। ऐसे सीरियलों से शिक्षा लेने वाले लोग इस बात को नहीं समझते कि सीरियल में दिखाए जाने वाले किस्से काल्पनिक हैं। जिन्हें असल जिंदगी में अमल में नहीं लाया जा सकता। इसलिए अवैध संबंधों के कारण बढ़ रही हत्याओं पर अंकुश लगाने के लिए जरूरी है कि सरकार ऐसे सीरियलों पर तुरंत प्रभाव से रोक लगाए और समाज को भी चाहिए कि वह उस कारण की तलाश करे जिस कारण कोई भी व्यक्ति अवैध संबंध बनाने पर मजबूर हो जाता है।