अपराधों की राजधानी (अंक 50)
Jul 21st, 2008 by admin
राजधानी दिल्ली में गत एक पखवाड़े के दौरान हुई अपराधिक घटनाओं ने दिल्लीवासियों को दहशत के साये में जीने पर मजबूर कर दिया है। अपराधी दिन-दहाड़े कहीं भी, किसी भी बड़ी घटना को अंजाम देकर बड़ी आसानी से निकल जाते हैं और पुलिस हाथ मलती रह जाती है। हालांकि दिल्ली पुलिस आयुक्त का दावा है कि दिल्ली में अपराध का ग्राफ कम हुआ है, लेकिन गत 15 दिनों के भीतर घटी घटनाएं उनके दावे की पोल खोलने के लिए काफी हैं। गत एक जुलाई को नन्द नगरी इलाके में बदमाशों ने एक वृद्घा के गले से सोने की चेन छीनने का विरोध करने वाले दो युवकों को गोली मार दी। इसी दिन बलबीर नगर इलाकेञ् में दिन-दहाड़े पांच हथियारबंद बदमाशों ने एक व्यापारी के घर में घुस कर लाखों रुपये की नकदी व जेवर लूट लिए। पांच जुलाई को देर रात संगम विहार इलाके में कुछ अज्ञात बदमाशों ने एक प्रोपर्टी डीलर को गोलियों से भून दिया। छः जुलाई को अमन विहार इलाके में घर में घुसे लुटेरों ने विरोध करने पर घर के मालिक को गोली मार कर मौत के घाट उतार दिया। सात जुलाई को बल्लीमारान इलाके में पांच हमलावरों ने दो युवकों को गोलियों से छलनी कर दिया। आठ जुलाई को विकास मार्ग पर दो बदमाशों ने मोबाईल शो-रूम के एक कर्मी पर गोलियां चला कर डेढ़ लाख रुपये लूट लिये। नौ जुलाई को न्यू सीलमपुर इलाके में हुई एक गैंगवार में तीन लोगों की हत्या हो गई। इस घटना केञ् बाद मौके से विदेशी पिस्टल व भारी मात्रा में गोलियां भी बरामद हुईं। 11 जुलाई को अमर कॉलोनी मेन मार्किट में दो बाइक सवार बदमाशों ने दो युवकों की गोलियों से हत्या कर बाइक लूट ली। इतना ही नहीं घटना के तत्काल बाद बदमाशों ने एन्ड्रयूजगंज फलाईओवर के समीप एक बाइक लूटने की कोशिश की। विरोध करने पर बाइक सवार की गोली मार कर हत्या कर दी। 12 जुलाई को मदनगीर इलाके में बाइक सवार बदमाशों ने दो व्यवसायियों को गोली मार कर दुकान से पांच लाख रुपये लूट लिये। 13 जुलाई को बवाना इलाके में एक घर में घुस कर दीपक नामक एक छात्र को गोली मार दी।
14 जुलाई को कोंडली इलाके में तीन बदमाशों ने एक ज्वैलरी शॉप तथा एक क्लीनिक में लूटपाट की। 15 जुलाई को बाइक पर सवार पांच बदमाशों ने मयूर विहार इलाके में हथियारों के दम पर एक फर्नीचर व्यवसायी से पल्सर बाइक लूट ली तथा शाम को प्रीत विहार मार्किट में दो दुकानों से नकदी लूट ली। 16 जुलाई को अशोक विहार औद्योगिक क्षेत्र के वजीरपुर इलाकेञ् में रात के समय मोटर साइकल पर सवार तीन अज्ञात बदमाशों ने एक व्यापारी को गोली मार कर नकदी छीन ली और फरार हो गए। एक पखवाड़े के भीतर हुई एक दर्जन से भी अधिक इन घटनाओं में मात्र तीन मामलों में पुलिस अपराधियों तक पहुंचने में सफल रही है, जबकि बाकी सभी मामले पुलिस के लिए अनबूझ पहले बने हुए हैं।
भारत की राजधानी दिल्ली जैसे शहर में घटी यह घटनाएं निश्चित रूप से पुलिस की विफलता और बदमाशों के बढ़ते हौसले का प्रमाण है। यह बात सही है कि दिल्ली में आबादी के लिहाज से पुलिसकर्मियों की संख्या काफी कम है, लेकिन यह बात भी सही है कि दिन भर बैरिकेटर लगा कर दुपहिया वाहन चालकों से उगाही करने वाले पुलिसकर्मी वारदात के समय दूर-दूर तक भी नजर नहीं आते हैं। दिल्ली की हर कालोनी व हर मुख्य मार्ग पर पुलिस बीट बॉक्स बनाए गए हैं लेकिन इनमें से अधिकांश बीट बॉक्सों पर या तो ताला लटका रहता है या फिर अवारा पशु अपना डेरा जमाए रहते हैं। राजधानी में तेजी से बढ़ रही अपराधिक वारदातों पर अंकुश लगाने के लिए यदि दिल्ली पुलिस ने जल्द ही कड़े कदम नहीं उठाए तो वह दिन दूर नहीं जनता का पुलिस पर रहा-तहा विश्वास भी पूरी तरह से उठ जाएगा।