आप पार्टी के निगम पार्षद राकेश कुमार ने थामा कांग्रेस का दामन

नई दिल्ली। राजधानी में लगातार कांग्रेस को मिल रहे चौतरफा जनसमर्थन से प्रभावित होकर दूसरे दलों से कांग्रेस में शामिल होने वालों का तांता लगा हुआ है। बड़े पैमाने पर पार्टी को आवेदन मिले है, पार्टी ने उन्हीं आवेदनों में से मटिया महल विधानसभा के वार्ड से आम आदमी पार्टी के निगम पार्षद राकेश कुमार व 35 पदाधिकारयों को विधिवत रुप से शामिल करने को मंजूरी देकर उन्हें कांग्रेस पार्टी में शामिल कर लिया गया। इस मौके पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सुभाष चोपड़ा ने सभी को कांग्रेस पार्टी का पटका पहनाकर उनका स्वागत किया। श्री चोपड़ा के साथ मुख्य प्रवक्ता व वरिष्ठ नेता मुकेश शर्मा, मटिया महल से कांग्रेस उम्मीदवार जावेद मिर्जा, जिला अध्यक्ष मौहम्मद उस्मान, पूर्व निगम पार्षद अशोक जैन भी मौजूद थे।
श्री चोपड़ा ने इस मौके पर संवाददाताओं व भारी संख्या में मौजूद आप पार्टी के कार्यकर्ताओं को सम्बोधित करते हुए केजरीवाल सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि राष्ट्रीय नागरिकता संशोधन विधेयक का विरोध करने के चलते जामिया के छात्रों के साथ हुए अत्याचार पर केजरीवाल की रहस्यमय चुप्पी यह साबित करती है कि उनकी भाजपा के साथ मिली भगत है। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा और आप पार्टी एक दूसरे के पूरक है लेकिन आगामी विधानसभा चुनाव में दोनों दलों की धार्मिक ध्रुवीकरण की साजिश कामयाब नहीं होगी।
श्री चोपड़ा ने यह भी कहा कि कांग्रेस के प्रभाव से घबरा, केजरीवाल आए दिन नरेन्द्र मोदी की तरह जुमले छोडऩे लगे है। उन्होंने कहा कि दिल्ली की जनता आगामी विधानसभा चुनाव में दोनो जुमले बाजों को सबक सिखाऐगी।
श्री चोपड़ा ने बिजली, पानी व विकास के मुदे पर केजरीवाल सरकार को घेरते हुए कहा कि केजरीवाल सरकार सभी मोर्चो पर फैल रही है। यह दिल्ली की जनता जान चुकी है। उन्होंने आज फिर दोहराया कि कांग्रेस 600 यूनिट तक बिजली के लिए बड़ा राहत पैकेज दिल्ली की जनता को देगी, जिसका पूरा खुलासा घोषणा पत्र में किया जाऐगा। उन्होंने यह भी कहा कि हमें भविष्य की चिंता है इसलिए हमने 20,000 लीटर पानी मुफ्त देने की योजना को चालू रखते हुए लोगों को दिल्ली में पानी बचाने की की नियत से प्रोत्साहित करने के लिए 30 पैसे प्रति लिटर पानी पर कैश बेक देने का निर्णय लिया है।
मुकेश शर्मा ने अनधिकृत कालोनियों की चर्चा करते हुए कहा कि केन्द्र की भाजपा व आप पार्टी की दिल्ली सरकार यह खुलासा करे कि मालिकाना अधिकार के नाम पर जिन 20 लोगों को रजिस्ट्री दी गई है उनसे डीडीए ने कन्वेन्स डीड देने के बदले कितने रुपये उन लोगों से वसूले है। उन्होंने यह भी कहा कि अनधिकृत कालोनियों में 40 लाख लोग रहते है यदि यह योजना इतनी कारगर है तो आखिर सिर्फ 70 हजार लोगों ने ही आवेदन किया है और उन्हें रजिस्ट्री क्यों नहीं दी जा रही? उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव आचार संहित किसी भी चालू प्रकिया पर रोक नही लगा सकती फिर नाटक क्यों। क्योंकि ऐसा होते ही लोग दोनो दलों का राजनीतिक बहिष्कार करेंगे।

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