गर कोई व्यक्ति अपने मकान या दुकान को किराये पर देता है तो उसकी पुलिस वैरिफिकेशन करवानी जरूरी है । नियमानुसार मकान व दुकान को किराये पर देने के लिए किरायेदारों की जानकारी संबंधित थाने में
} इस बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए डॉ अंशु सिंगला ने कहा अक्सर देखा जाता है कि मकान मालिक अपने मकान व दुकान को किराये पर देते समय किरायेदार की कोई जानकारी संबंधित थाना को नहीं देते । कुछ अपराधिक किस्म के व्यक्ति कहीं अपराध करके फर्जी नाम से किसी दूसरे जिले या राज्य में पुलिस से छिपकर रहने लग जाते हैं। इस तरह के अपराधी पुलिस को चकमा देकर व कानून से बच कर समाज व देश के लिए कोई बडा खतरा बन सकते हैं, किसी प्रकार की अनहोनी से बचने के लिए मकान मालिक सर्वप्रथम खुद को सुरक्षित रखते हुए अपने किरायेदारों की पुलिस वैरिफिकेशन करवा लें। मकान मालिक द्वारा पुलिस वैरिफिकेशन करवाने से मकान मालिक भी सुरक्षित रहेंगे और पुलिस को भी बहुत सारे अपराधी किस्म के आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजने में मदद मिलेगी ।
#container इस बारे में जानकारी देते हुए डॉ अंशु सिंगला ने कहा कि कोई वारदात होने के बाद पुलिस आप तक पहुंचे, 404 बेहतर है कि पहले ही नौकरों और किरायेदारों का पुलिस वैरिफिकेशन करा लें। नौकर और किरायेदारों के वैरिफिकेशन करवाना कानुनन अनिवार्य है । आपकी सुरक्षा आपके खुद के हाथ में है। जागरुकता के अभाव में यदि आपने अपनी व अपने परिवार की सुरक्षा नहीं की तो कोई अपराधी घर में ठिकाना बनाकर आपको नुकसान पहुंचा सकता है । कुछ अपराधी किस्म के लोग पुलिस की नजर से बचने के लिए भोले-भाले लोगों के घरों में किरायेदार बनकर शरण ले लेते हैं, वह मकान मालिक को जान व माल का नुकसान पहुंचा सकते हैं ऐसी सुरत में अपराधियों को अपराध करने के अवसर मिल जाता है । कानूनी प्रावधान होने के बावजूद भी वैरिफिकेशन नहीं कराने वालों के खिलाफ पुलिस कारवाई की जा सकती है । किरायेदारों की पुलिस वैरिफिकेशन कराने में मकान मालिक को भी रुचि लेनी चाहिए। इसकी सख्ती से पालना के लिए थाना प्रभारियों को आदेश दिये गये हैं। font-size: 150px; Sorry! that page can not be found... The URL was either incorrect, you took a wrong guess or there is a technical problem. Post Views: 1,870
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