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शालीमार बाग स्थित मार्डन पब्लिक स्कूल में रोटी बैंक कार्यशाला का आयोजन

नई दिल्ली। शालीमार बाग में स्थित मार्डन पब्लिक स्कूल में रोटी बैंक कार्यशाला में मिलजुल मील प्रोजेक्ट की विधिवत घोषणा की गई। रोटी बैंक की शुरूआत दिल्ली में 2015 में सामाजिक कार्यकर्ता राजकुमार भाटिया एवं उनके साथियों ने की थी। रोटी बैंक तीन रोटी और सूखी सब्जी का पैकेट एकत्रित करके जरूरत मंदों तक पहुँचाने का कार्य करता है। अब तक दिल्ली में रोटी बैंक के 50 केन्द्र और स्कूलों से निरन्तर सहयोग मिलता है। आज की कार्यशाला का संचालन सुश्री जैसमीन भाटिया (रोटी बैंक) द्वारा किया गया। जिसमें विभिन्न स्कूलों से आये प्रतिनिधियों को आवश्यक जानकारियाँ, सावधानियाँ एवं रोटी बैंक के कार्यविधि पर प्रकाश डाला गया। मार्डन पब्लिक स्कूल शालीमार बाग की प्रधानाचार्य श्रीमती अल्का कपूर ने अपने वक्तव्य में रोटी बैंक की महता और समाज के सहयोग में जुडऩे वाले हाथों के महत्व पर प्रकाश डाला। सहयोगी स्कूलों को प्रशस्ती पत्र देकर सम्मानित करते हुये राजकुमार भाटिया (संस्थापक) ने कहा समाज के लिये कार्य करना आसान नही है परन्तु उतना मुश्किल भी नही कि हम इसे असम्भव मान बैठे जरूरत है साहस प्रयोग एवं पहल की बस फिर सहयोगी मिलते चले जाते है। मैं स्कूलों के उन नन्हे बच्चों का आभार व्यक्त करता हूँ जिन्हे रोटी बैंक का सहयोग करते हुये यह पता नही होता कि उनका लंच पार्टनर कौन है। रोटी बैंक के सह संस्थापक सुधीर बहरानी, कोमल सूरी, नीलम तलवार ने स्वागत भाषण में स्कूलों की भूमिका की सराहना की। कार्यक्रम में अश्वी चावला, सोनिक सिदाना, रेखा बहरानी, गीता भाटिया जी व अन्य सदस्य शामिल रहें।
गौरतलब है भारत के माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रोटी बैंक प्रकल्प की सराहना ‘मन की बात’ में कर चुके है। रोटी बैंक खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्रधिकरण (एफ.एस.एस.ए.आई.) के निर्देशानुसार काम कर रहा है। कार्यशाला में फूड सेफ्टी द्वारा निर्धारित मानकों एवं दिशा निर्देशों पर चर्चा हुयी। रोटी बैंक ने आगामी वर्ष में दिल्ली के 50 स्कूलों के माध्यम से जरूरत मंदों तक भोजन पहुँचाने का लक्ष्य रखा हुआ है। भूख मुक्त भारत के स्वपन को साकार करते रोटी बैंक को सहयोग करने की अपील भी की गई।

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