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सफाई कर्मचारियों को नहीं मिल रहे संसाधन

नई दिल्ली। नॉर्थ-वेस्ट दिल्ली के बीजेपी सांसद और सफाई कर्मचारियों के राष्ट्रीय आयोग के पूर्व वाइस चेयरमैन हंसराज हंस ने केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं आधिकारिता मंत्री थावरचंद गेहलोत को पत्र लिखकर दिल्ली समेत देशभर के सफाई कर्मचारियों की समस्याओं पर गौर करने का आग्रह किया है। हंसराज हंस ने लिखा है कि कोरोना के खतरे से भलीभांति परिचित होने के बावजूद देशभर में सफाई कर्मचारी पूरी निष्ठा के साथ अपने काम में लगे हुए हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें अपनी ड्यूटी पर आने-जाने में हो रहे खर्च की एवज में पर्याप्त मुआवजा नहीं मिल रहा है।
हंसराज हंस के मुताबिक, भले ही सरकारी सफाईकर्मी हो या कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वाले, उन सभी को रोज कम से कम 100 रुपए अपने काम पर आने-जाने में खर्च करने पड़ रहे हैं, क्योंकि परिवहन के अन्य सभी साधन अभी बंद हैं। ऐसे में उन्हें काम पर आने-जाने में भी कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन इसके बावजूद उनके मालिकों या नियोक्ताओं के द्वारा उनकी जरूरतों का ख्याल नहीं रखा जा रहा है। यहां तक कि उन्हें संक्रमण से बचाने के लिए मास्क, ग्लव्ज और सैनिटाइजर्स तक नहीं दिए जा रहे हैं। हंसराज हंस ने इस पर गहन चिंता जताते हुए गेहलोत से अनुरोध किया है कि वह तुरंत इस विषय पर संज्ञान लेते हुए उचित कदम उठाएं, ताकि देशभर के स्वच्छ भारत सेवकों को काम करने के लिए उचित सुविधाएं मिल सकें।
(साभार : नवभारत टाइम्स)

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