पंडित नीरव के विशेष आग्रह पर कार्यक्रम की संचालिका डॉ. पुष्पलता भट्ट ‘पुष्प’ ने ‘सरहद पर’ कविता सुना शहीदों की शहादत को नमर करते हुए ऐसा करुण बिम्ब प्रस्तुत किया, जिसे सुनकर सभी की आंखें नम हो गईं- रक्तबीज बोने वालों तुम, कांधे पर क्यों लाशें ढोते?
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