संजय गांधी मेमोरियल और बाबा साहेब डॉ. अंबेडकर अस्पताल के कोविड योद्धाओं को सम्मानित किया

नई दिल्ली। दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने कोरोना महामारी के दौरान उल्लेखनीय काम करने वाले बाबा साहेब डॉ. अंबेडकर अस्पताल और संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल के 80 कोरोना फ्रंटलाइन वर्कर्स को सम्मानित किया। कोरोना योद्धाओं के सम्मान में आयोजित कार्यक्रम में दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष राम निवास गोयल, उपसभापति राखी बिड़लान और अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे। इस दौरान सत्येंद्र जैन ने सभी कोरोना फ्रंटलाइन वर्कर्स को उनके त्याग के लिए उनकी प्रसंशा की और उन्हें धन्यवाद दिया। सत्येंद्र जैन ने कहा कि केजरीवाल सरकार द्वारा बनाए गए देश के सबसे बड़े कोरोना अस्पताल में अब तक 10 हजार से अधिक मरीज ठीक हो कर घर जा चुके हैं। केजरीवाल सरकार ने देश भर में सबसे पहले दिल्ली के अंदर कोविड-19 मरीजों की घर पर ही बेहतर देखभाल के लिए होम आइसोलेशन पद्यति शुरू की। केजरीवाल सरकार द्वारा शुरू किए गए होम आइसोलेशन में रहने वाले मरीजों के लिए 15 मिनट के अंदर एंबुलेंस सुविधा मुहैया कराई गई। मरीजों को अस्पताल में भर्ती करने में लगने वाले लम्बे समय को भी कम किया गया। दिल्ली सरकार ने इसे प्राथमिकता से लेते हुए इस समस्या के समाधान के लिए 10 मिनट के अंदर मरीजों को अस्पतालों में प्रवेश करने की सुविधा मुहैया कराई।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सत्येंद्र जैन ने कहा कि केजरीवाल सरकार द्वारा चलाए गए कोरोना के खिलाफ युद्ध में डॉक्टर्स और अन्य स्वास्थ्य कर्मचारियों ने अमूल्य योगदान देकर पूरी दिल्ली को गौरवांवित किया है। कोरोना के दौरान लगातार आ रहे दबाव के बावजूद भी कोरोना कर्मचारियों ने निरंतरता के साथ लोगों की सेवा करने का काम किया।
स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने आगे कहा कि इस महामारी के दौरान हमने कई सारे ऐसे निर्णय लिए, जिससे दिल्ली के स्वास्थ्य सेवाओं को और ज्यादा बेहतर बना जा सका। हमने दिल्ली के अंदर देश का सबसे बड़ा एलएनजेपी कोविड अस्पताल बनाया, जहां अब तक 10 हजार से ज्यादा कोरोना मरीजों का इलाज किया जा चुका है।
सत्येंद्र जैन ने कहा कि केजरीवाल सरकार ने ऐसे कई कदम उठाए, जिससे कोरोना को हराया जा सके। उसी दिशा में देश के अंदर सबसे पहले होम आइसोलेशन की सुविधा दिल्ली सरकार ने उपलब्ध कराई। होम आइसोलेशन के दौरान मरीजों को हमेशा डॉक्टर की निगरानी में रखा गया और मरीज किसी भी समस्या पर कभी भी डाॅक्टर से बात कर बता सकता था। दिन में डॉक्टर के द्वारा दवाइयां दी जाती थी।  साथ ही डॉक्टर मरीजों की नियमित रूप से जांच करते थे। इसके अलावा, मरीज को दिन में दो बार कॉल करके उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली जाती थी।
स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने एंबुलेंस सुविधाओं के संबंध में बताया कि दिल्ली सरकार द्वारा यह सुनिश्चित किया गया कि सभी होम आइसोलेशन में रहने वाले मरीजों को 15 मिनट के अंदर एंबुलेंस की सुविधा उपलब्ध कराई जाए। साथ ही, दिल्ली सरकार ने मरीजों को अस्पतालों में भर्ती होने वाले समय में भी कमी लाई गई। हमने पाया कि मरीजों को अस्पताल में भर्ती होने की प्रक्रिया काफी लंबी थी, जिसमें मरीजों को काफी लम्बा समय लग जाता था। जिसके बाद हमने कई बदलाव करते हुए सभी अस्पतालों को निर्देश जारी किए। जिसके बाद मरीज को भर्ती होने की पूरी प्रक्रिया को 10 मिनट के अंदर लाया गया। दिल्ली सरकार द्वारा उठाए गए इस कदम से मरीजों को काफी सहूलियत मिली।
सत्येंद्र जैन ने आगे कहा कि हमने संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल को गैर कोविड अस्पताल घोषित कर दिया है, क्योंकि हमारे अन्य कोविड अस्पतालों में उपलब्ध बेड की तुलना में कोरोना मरीजों की संख्या काफी कम है। उन्होंने कहा कि 300 बेड वाले बुरारी अस्पताल में अब सिर्फ 10 से 12 मरीज ही हैं। वहीं एलएनजेपी अस्पताल में जहां 300 बेड कोविड मरीजों के लिए निर्धारित किए गए हैं, वहां सिर्फ 20 मरीज हैं। राजीव गांधी मेमोरियल अस्पताल में निर्धारित किए गए 500 बेड में सिर्फ 10 से 11 बेड पर मरीज हैं। दिल्ली सरकार ने हमेशा कोरोना संक्रमित मरीजों के लिए अस्पतालों में बेड की उपलब्धता को प्राथमिकता देने का काम किया है, जिससे लोगों को किसी प्रकार की कोई समस्या पैदा न हो। केजरीवाल सरकार की हमेशा से ही प्राथमिकता रही है कि दिल्ली वासियों के साथ-साथ दिल्ली के आसपास इलाकों के लोगों के लिए भी सभी प्रकार के तमाम इंतजाम किए जाएं।
स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा कि दिल्ली सरकार देश की पहली ऐसी सरकार है, जिसने कोरोना योद्धाओं के लिए 5 स्टार होटल में रुकने की जगह मुहैया कराई। वर्षों बाद ऐसी महामारी आई है। इस महामारी में लोगों की सेवा करना ही सबसे बड़ा धर्म है। इस महामारी से उबरने के बाद लोगों में फिर से स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति विश्वास बढ़ा है।
सत्येंद्र जैन ने आगे कहा कि मैं केजरीवाल सरकार को धन्यवाद करता हूं कि उनके कारण आज दिल्ली की स्वास्थ्य सेवाएं इतनी बेहतर हो सकी हैं, जो किसी भी प्राइवेट अस्पताल से कम नहीं है। साथ ही, दिल्ली सरकार पुनः सभी कोरोना योद्धाओं और स्वास्थय कर्मचारियों द्वारा दिए गए अमूल्य योगदान के लिए उन्हें धन्यवाद देती है, जिन्होंने इस महामारी को हराने का काम किया है। कोरोना महामारी के दौरान लगातार काम करने वाले सभी डॉक्टर्स और अन्य स्वास्थ्य कर्मचारियों का भी धन्यवाद है, जिन्होंने अपने त्याग और निष्ठा से दिन रात एक कर के महामारी को हारने में अपना योगदान दिया।

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