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मलेरिया से बचाव हेतु प्रदर्शनी और जन स्वास्थ्य व्याख्यान का आयोजन

नई दिल्ली। उत्तरी दिल्ली नगर निगम ने आज विश्व मलेरिया दिवस के उपलक्ष्य में लोगों को मलेरिया से बचाव के बारे में जागरूक करने के लिए एक प्रदर्शनी और जन स्वास्थ्य व्याख्यान का आयोजन निगम मुख्याल डॉ. एसपीएम सिविक सेंटर में किया। इस अवसर पर अतिरिक्त आयुक्त (स्वास्थ्य) हरलीन कौर, निगम स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एस.पी. अहीर, अतिरिक्त एमएचओ, डॉ संजय सिन्हा, मलेरिया स्टाफ और आरडब्ल्यूए के विभिन्न सदस्य भी मौजूद थे।
प्रदर्शनी के दौरान एडीज मच्छर, एनोफिलीज मच्छर, क्यूलेक्स मच्छरों के साथ-साथ तीनों मच्छरों के वयस्क लार्वा के मॉडल प्रदर्शित किए गए। मच्छरजनित रोगों को नियंत्रित करने के लिए विभिन्न उपकरणों और कीटनाशकों को भी प्रदर्शित किया गया है। प्रदर्शनी का उद्घाटन अतिरिक्त आयुक्त (स्वास्थ्य)हरलीन कौर ने किया। जन स्वास्थ्य व्याख्यान हिंदू राव अस्पताल के डॉ. दीपक दास और डॉ. सुमित जेठानी ने दिया। उन्होंने मच्छरजनित रोगों के विभिन्न लक्षणों और इलाज़ के बारे में विस्तार से चर्चा की।
इस अवसर पर उत्तरी दिल्ली नगर निगम ने 24 डोमेस्टिक ब्रीडिंग चेकर्स और फील्ड वर्कर्स को उनकी सेवाओं के लिए प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया।
इस अवसर पर अतिरिक्त आयुक्त (स्वास्थ्य) हरलीन कौर ने कहा कि उत्तरी दिल्ली नगर निगम के मलेरिया विभाग के कर्मचारी मलेरिया की रोकथाम में अहम भूमिका निभा रहे हैं। आज विश्व मलेरिया दिवस के अवसर पर लोगों को मलेरिया से बचाव के बारे में जागरूक करने के लिए विभाग द्वारा एक प्रदर्शनी भी लगाई गई है। उन्होंने कहा कि उत्तरी दिल्ली नगर निगम मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए नियमित कार्य कर रही है ताकि मच्छरों को पैदा होने से रोका जा सके। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे घर की छत और आस-पास कबाड़ जैसे टूटे गमले, कप, बर्तन, टायर आदि खुले में ना छोड़ें जिसमें बरसात का पानी जमा हो सकता हो। क्योंकि डेंगू एवं चिकुनगुनिया फैलाने वाला मच्छर जमा पानी में ही पनपता है। उन्होंने कहा कि मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए नगरिकों का सहयोग अहम है।
निगम स्वास्थ्य अधिकारी, डॉ एस.पी. अहीर ने कहा कि मलेरिया नामक बीमारी एनोफिलीज नामक मच्छर के काटने से होती है जो रूके हुए पानी में पनपता है। उन्होने जानकारी देते हुए बताया कि गर्म तापमान, आद्र वायुमंडल एवं भारी वर्षा इस मच्छर के पनपने के अनुकूल परिस्थितियां हैं। उन्होंने बताया कि कपकपी के साथ तेज बुखार चढऩा, सिर दर्द, बदन दर्द आदि मलेरिया के लक्षण है जिन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए।

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