दिल्ली के विकास के लिए अन्य राज्यों की तरह ज्यादा धनराशि मिलनी चाहिए : केजरीवाल

नई दिल्ली। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने 15 वें वित्त आयोग के अध्यक्ष एन.के.सिंह से मुलाकात की व एक ज्ञापन सौंपकर मांग की कि राष्ट्रीय राजधानी को केंद्रीय करों में उसका उचित हिस्सा मिले।
बैठक में वित्त आयोग के वरिष्ठ अधिकारी और दिल्ली के मुख्य सचिव एम.आर.विजय देव और वित्त सचिव और अतिरिक्त मुख्य सचिव श्रीमती रेणु शर्मा ने भाग लिया।
दिल्ली के मामले में जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने 15 वें वित्त आयोग के अध्यक्ष को सूचित किया कि राष्ट्रीय राजधानी पिछले दो दशकों से घोर अन्याय का शिकार है।
श्री केजरीवाल ने कहा कि राष्ट्र की वृद्धि के लिए, दिल्ली केंद्र को आयकर के रूप में 1.75 लाख करोड़ रुपये देती है। लेकिन, इसे केंद्र से केवल 325 करोड़ रुपये ही मिलेंगे। केंद्र को दिल्ली में अधिक निवेश करना चाहिए ताकि राष्ट्रीय राजधानी में आर्थिक गतिविधियां बढ़ सकें।
श्री केजरीवाल ने कहा कि वित्त आयोग से हमारा अनुरोध है कि दिल्ली को केंद्र से प्राप्त होने वाले देश के अन्य राज्यों की तरह विकास के लिए भी धनराशि मिलनी चाहिए। वित्त आयोग यह तय करता है कि किसी विशेष राज्य को कितनी धनराशि दी जानी चाहिए और इस प्रकार हमने उनके साथ एक अनुरोध किया है। हमने उन्हें दिल्ली को उसका हक देने के लिए कहा है। हमारा मानना है कि यदि वर्ष 2000 के बाद का फार्मूला लागू किया जाता है, तो दिल्ली को सालाना 6000 करोड़ रुपये मिलेंगे।

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