स्विट्जरलैंड के राजदूत ने कोरोना से निपटने के केजरीवाल सरकार के प्रयासों को सराहा

नई दिल्ली ।मुख्यमंत्री श्री अरविंद केजरीवाल और स्विट्जरलैंड के राजदूत राफ हैक्नर के बीच आज दिल्ली सचिवालय में अहम बैठक हुई। बैठक के दौरान राजदूत राफ हैक्नर ने दिल्ली सरकार द्वारा इतनी कठिन परिस्थितियों में भी कोरोना से निपटने के लिए उठाए गए विभिन्न कदमों की सराहना की। सीएम अरविंद केजरीवाल ने बताया कि हमने किस तरह कोरोना के पीक समय के दौरान भी मरीजों को बेड की कमी नहीं होने दी। दिल्ली सरकार ने एक एप लांच किया। जिसकी मदद से कोई भी पता कर सकता था कि किस अस्पताल में बेड खाली है और इससे लोगों को काफी सहूलियत मिली। सीएम ने बताया कि दिल्ली सरकार जल्द ही स्वास्थ्य सूचना प्रबंधन प्रणाली (एमआईएमएस) को लागू करने जा रही है। हम एक-एक नागरिक को हेल्थ कार्ड देंगे, जिसमें उसकी स्वास्थ्य संबंधी सभी जानकारी उपलब्ध होगी और इसकी मदद से उसे बेहतर इलाज मिल सकेगा। इस दौरान दिल्ली में प्रदूषण से निपटने और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए दिल्ली सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदमों पर भी विस्तार पूर्वक चर्चा हुई।

मुख्यमंत्री श्री अरविंद केजरीवाल ने स्विटजरलैंड के राजदूत राफ हैक्नर के साथ दिल्ली सचिवालय में महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक में कोविड-19 के प्रबंधन, दिल्ली में पर्यटन को बढ़ावा देने और प्रदूषण से निपटने आदि को लेकर दिल्ली सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदमों पर चर्चा हुई। राजदूत राफ हैक्नर ने कोविड-19 से निपटने के दिल्ली सरकार के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि इतने कठिन परिस्थितियों में भी दिल्ली सरकार ने कोरोना का प्रबंधन बड़ी ही सफलता पूर्वक किया। दिल्ली सरकार ने न सिर्फ कोरोना से निपटने में सफलता हासिल की, बल्कि मरीजों को अस्पतालों में अच्छी स्वास्थ्य सुविधाएं भी मुहैया कराया। सीएम अरविंद केजरीवाल ने बताया कि कोरोना से निपटने के लिए दिल्ली सरकार ने होम आइसोलेशन की पद्धति को अपनाया। इस पद्धति के तहत गंभीर मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जबकि बिना लक्षण वाले या कम लक्षणों वाले मरीजों को उनके घर पर ही इलाज देने की सुविधा प्रदान की गई। होम आइसोलेशन पद्धति बहुत ही सफल रही और बाद में देश के अन्य राज्यों के साथ विदेशों में भी इसे अपनाया गया।

सीएम अरविंद केजरीवाल ने बताया कि दिल्ली सरकार ने मरीजों को अस्पताल में आसानी से बेड उपलब्ध कराने के उद्देश्य से एक एप लांच किया। इस एप पर सभी कोविड अस्पतालों में उपलब्ध और भरे हुए बेड की मौजूदा स्थिति की जानकारी प्राप्त की जा सकती थी। जिस व्यक्ति को अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत महसूस होती थी, वो एप की मदद से अस्पताल में खाली बेड की जानकारी प्राप्त कर सकता था था और वह अपनी सुविधानुसार अस्पताल में जाकर इलाज करा सकता था। इससे लोगों को काफी सहूलियत मिली और किसी को बेड की किल्लत नहीं हुई। सीएम ने बताया कि मरीजों को तत्काल स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए निजी और सरकारी अस्पतालों को भरोसे में लेकर आवश्यकता के अनुसार कदम उठाए गए। साथ ही, दिल्ली के निवासियों और सभी एजेंसियों से भी पूरा सहयोग मिला।

 

इस दौरान सीएम श्री  अरविंद केजरीवाल ने बताया कि दिल्ली सरकार अपने नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। हम इसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए स्वास्थ्य सूचना प्रबंधन प्रणाली (एचआईएमएस) को लागू करने पर काम कर रहे हैं। इसके तहत दिल्ली के सभी अस्पतालों को एक-दूसरे से आँनलाइन जोड़ा जाएगा। प्रत्येक व्यक्ति को एक हेल्थ कार्ड जारी किया जाएगा। जिसमें उसकी पूरी मेडिकल हिस्ट्री उपलब्ध होगी। जिसके बाद किसी को अपनी विभिन्न रिपोर्ट को लेकर डाॅक्टर के पास नहीं जाने होंगे, बल्कि हेल्थ कार्ड की मदद से डाॅक्टर उसकी पूरी मेडिकल हिस्ट्री की जानकारी प्राप्त कर सकेगा। यह पूरी तरह से क्लाउड आधारित होगा। मरीज अपने घर से ही डाॅक्टर से मिलने का समय भी ले सकेगा और उन्हें लाइन में लगने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

सीएम अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली में प्रदूषण से निपटने के लिए किए जा रहे उपायों के संबंध में राजदूत राफ हैक्नर के साथ विस्तार से चर्चा की। सीएम ने बताया कि दिल्ली सरकार दिल्ली में प्रदूषण को नियंत्रित करने को लेकर काफी गंभीर है। सरकार प्रदूषण से निपटने के लिए ईवी पाॅलिसी समेत कई कदम उठा रही है। लोगों को जागरूक किया जा रहा है और तकनीक का भी सहारा लिया जा रहा है। दिल्ली सरकार आईआईटी कानपुर, आईआईटी दिल्ली और टेरी का भी सहयोग ले रही है। आईआईटी कानपुर और दिल्ली ने तकनीक विकसित की है, जिससे किसी स्थान पर निश्चित समय के दौरान होने वाले प्रदूषण के वास्तविक स्रोत का पता लगाया जा सकता है। इस तकनीक से पता चल जाएगा कि उस स्थान पर एक नियत समय में प्रदूषण का वास्तविक स्रोत क्या है। जब स्रोत पता चल जाएगा, तो उससे निपटने के लिए आवश्यक कदम उठाने में आसानी होगी। पायलट प्राजेक्ट के तहत दिल्ली के हाॅट स्पाॅट वाले एरिया में सुपर साइट और मोबाइल साइट लगाए जाएंगे।

इस बैठक में सीएम श्री  अरविंद केजरीवाल ने राजदूत राफ हैक्नर के सामने दिल्ली में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सहयोग की अपेक्षा भी जाहिर की। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार दिल्ली में पर्यटन उद्योग को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न कदम उठा रही है। इसके लिए कई योजनाओं पर काम किया जा रहा है। सीएम ने पर्यटन क्षेत्र में काम करने वाली स्वीट्जरलैंड की नामी कंपनियों को दिल्ली में निवेश करने को लेकर भी चर्चा की, ताकि दिल्ली में पर्यटन को बढ़ावा दिया जा सके।

 

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