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दिल्ली देश में बेरोजगारी दर में नम्बर वन पर पहुंच गई है : चौ. अनिल कुमार

नई दिल्ली। दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष चौ. अनिल कुमार ने कहा कि दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार के लगभग 7 वर्षों के कार्यकाल में दिल्ली के लोगों की समस्याएं निरन्तर बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि अरविन्द केजरीवाल ने 2015 के घोषणा पत्र में 5 वर्षों में 8 लाख रोजगार देने का वायदा केवल लोगों को गुमराह करने के लिए किया था, जबकि देश सहित दिल्ली में बेरोजगारी की स्थिति पिछले 75 वर्षों में सबसे खराब है और दिल्ली में बेरोजगारी दर देश की औसत से 4 गुणा अधिक है। लेकिन भाजपा और आप पार्टी 75 साल की दुहाई देती हैं। चौ. अनिल कुमार प्रदेश कार्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन को सम्बोधित कर रहे थे। उनके साथ प्रदेश महिला अध्यक्ष अमृता धवन मौजूद थी।
संवाददाता सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए चौ. अनिल कुमार ने कहा कि मुख्यंमंत्री केजरीवाल ने दिल्ली को नया शहर बनाने का दावा किया था और अपने सात वर्षों के शासन काल की उपलब्धियों में केजरीवाल ने बेरोजगारी, कोविड संक्रमण, कोविड मृत्यु दर, प्रदूषण, महिला उत्पीडऩ में, शराब मुहैया कराने में, विज्ञापन पर खर्च करने में, झूठ बोलने पर और दिल्ली मंत्रियों और विधायकों को जेल जाने के मामले दिल्ली को नम्बर वन बना दिया है। उन्होंने कहा कि आज जहां देश में बेरोजगारी दर 11.4 प्रतिशत है वही दिल्ली में 45.6 प्रतिशत की बेरोजगारी दर है। जिससे साफ हो जाता है केजरीवाल के शासन में दिल्ली के लगभग आधे युवा बेरोजगार है। उन्होंने कहा कि केजरीवाल सरकार रोजगार निदेशालय ने 2015 से अगस्त 2020 तक सिर्फ 440 बेरोजगार युवाओं को नौकरी दी है, जबकि दिल्ली सरकार में 55,000 पद खाली है जो रोजगार निदेशालय के अनुसार 84 प्रतिशत पद खाली है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में रोजगार मुहैया कराने वाले रोजगार कार्यालय भी बंद होने की कगार पर है।
चौ. अनिल कुमार ने मांग की कि अरविन्द केजरीवाल दिल्ली में बढ़ती बेरोजगारी दर के अनुपात को कम करने के लिए मनरेगा की तर्ज पर शहरी गारंटी रोजगार योजना कानून तत्काल बनाए ताकि प्रतिवर्ष अपनी शिक्षा पूर्ण करने के पश्चात युवाओं को रोजगार मिल सके। उन्होंने कहा कि बेरोजगार शिक्षित युवाओं को रोजगार पूर्व आर्थिक सहायता देने के लिए उन्हें बेरोजगारी भत्ता दिया जाए।

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