जहांगीरपुरी कैसे बना दिल्ली का सबसे बड़ा हॉटस्पॉट, मेडिकल स्टाफ के भी 44 कोरोना पॉजिटिव

नई दिल्ली। अबतक कोरोना के करीब 100 केस और एक मौत भी। देखते ही देखते जहांगीरपुरी दिल्ली में कोरोना का सबसे बड़ा हॉटस्पॉट बन गया। इलाके की जनसंख्या करीब 2 लाख है जिसकी वजह से खतरा लगातार बढ़ रहा है। जहांगीरपुरी की स्थिति कितनी खतरनाक है उसका अंदाजा इस बात से लगाएं कि नॉर्थ दिल्ली में कुल सात रेड जोन हैं। उनमें से 6 सिर्फ जहांगीरपुरी में हैं। इस इलाके के बी, सी, एच, के, जी और एफ ब्लॉक कंटेनमेंट जोन (Coronavirus Containment Zones) हैं।

हॉस्पिटल ही बन गया हॉटस्पॉट
कोविड-19 का सबसे बड़ा हॉटस्पॉट बाबू जगजीवन राम अस्पताल बनता जा रहा है। यहां पर अब तक 44 स्टाफ पॉजिटिव हो चुके हैं। हालांकि अभी भी करीब 100 हेल्थकेयर वर्कर्स की रिपोर्ट आनी बाकी है। यहां पहला केस 20 अप्रैल को सामने आया था, जब एक डॉक्टर संक्रमण की चपेट में आए थे। उसके बाद लगातार 3 डॉक्टर और 7 दूसरे हेल्थकेयर वर्कर कोरोना के चपेट में आ गए। जिसके बाद प्रशासन ने जांच करानी शुरू की तो मामला 44 तक पहुंच चुका है।

महिला की मौत से बढ़े मामले
जहांगीरपुरी में कोरोना के केस बढ़ने की वजह एक महिला की मौत को भी बताया जा रहा है। दरअसल, इस महीने की शुरुआत में वहां एक महिला की मौत हुई। जबतक किसी को पता नहीं था कि मरनेवाली उस महिला को कोरोना है। फिर अंतिम संस्कार में शामिल होने लोग पहुंचे। इसमें से 31 लोग (परिवार के 26 लोग शामिल) बाद में कोरोना पॉजिटिव मिले। बाद में महिला की रिपोर्ट आई जो खुद कोरोना पॉजिटिव थी। फिलहाल इलाके को पूरी तरह सील करने का दावा किया जा रहा है। सर्वे के लिए ड्रोन का इस्तेमाल हो रहा है। इलाके को पूरी तरह सैनिटाइज किया जा रहा।

घर काफी छोटे, जनसंख्या घनत्व ज्यादा
इलाके में कोरोना के मामले ज्यादा आने की वजह जनसंख्या घनत्व भी है। यहां घर काफी छोटे-छोटे हैं, जिनमें सोशल डिस्टेंसिंग भूल ही जाएं। 25-25 गज के इन घरों को कई-कई मंजिला बना दिया गया। टॉइलेट और बाथरूम ज्यादातर के कॉमन हैं, जिन्हें रोजाना 100 के करीब लोग इस्तेमाल करते हैं ऐसे में कोरोना को फैलने से रोकना थोड़ा मुश्किल हो जाता है। (साभार : नवभारत टाइम्स)

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Translate »