हरियाणा

नशा नाश का कारण- अफीम, चरस, हेरोइन, चिट्टा, स्मैक आदि ड्रग्स मनुष्य के उपयोग के लिए नहीं

सोनीपत। कोई भी व्यक्ति पहले नशा शौक शौक में करता है लेकिन यही शौक उसके लिए इतना घातक सिद्ध होता है कि वह नशा छोड़ना चाहता है लेकिन नशा उस व्यक्ति को नहीं छोड़ता. हम नशा अपने आस पास के लोगों, मित्रों और सबसे अधिक चलचित्रों को देखकर प्रभावित होकर सीख रहे हैं. नशे में सबसे भयंकर नशे हैं अफीम, चरस, हेरोइन, चिट्टा, स्मैक, गांजा, चुरा पोस्त, नशे की गोलियां, नशे के टीके आदि. ये नशे मनुष्य के उपयोग के लिए नहीं है. यही कारण है कि भारत सरकार द्वारा रचित मादक पदार्थ एवं नशीली औषधियों का अधिनियम बनाकर इन पर पूर्ण रूप से प्रतिबन्ध लगाया गया है. इनके सेवन से मनुष्य की सोचने समझने की शक्ति समाप्त हो जाती है और ऐसे में वह व्यक्ति कोई भी अपराध कर सकता है. राष्ट्रीय अपराध अभिलेख ब्यूरो के आंकड़ों के अनुसार अधिकतर अपराधों की जड़ नशा है. ये शब्द हरियाणा राज्य स्वापक नियंत्रण ब्यूरो के जागरूकता कार्यक्रम एवं पुनर्वास प्रभारी उप निरीक्षक डॉ. अशोक कुमार वर्मा ने सोनीपत की काठ मंडी में स्थित हिन्दू विद्यापीठ के विद्यार्थियों को सम्बोधित करते हुए कहे. वे आज सेवानिवृत पुलिस उप निरीक्षक एवं प्रयास सदस्य कर्म चंद और उप निरीक्षक राजेंद्र कुमार को साथ लेकर मुख्य वक्ता के रूप में पहुंचे हुए थे. यह हरियाणा राज्य स्वापक नियंत्रण ब्यूरो एवं प्रयास द्वारा छठा एक दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम था. उन्होंने आगे बताया कि हरियाणा राज्य स्वापक नियंत्रण ब्यूरो प्रमुख, अम्बाला मंडल के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक एवं प्रयास हरियाणा के संस्थापक एवं प्रांतीय अध्यक्ष श्री श्रीकांत जाधव साहब के दिशानिर्देशों एवं मार्गदर्शन में ये जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर युवाओं को विशेष रूप से विद्यार्थियों को प्रतिदिन जागरूक किया जा रहा है ताकि वे भविष्य में इनसे दूर रहें क्योंकि जागरूकता की शिक्षा के बिना इस महासंग्राम पर विजय नहीं प्राप्त की जा सकती. उन्होंने आगे कहा कि ब्यूरो प्रमुख श्री श्रीकांत जाधव साहब के नेतृत्व में जून माह में 448 अपराधियों को सलाखों के पीछे भेजा गया है. कार्यक्रम के अंत में सभी ने एक साथ जीवन में नशा न करने की शपथ लेते हुए कहा कि वे एनसीबी के साथ हैं और 9050891508 पर गुप्त सूचनाएं देने के साथ साथ नशे में ग्रस्त हो चुके लोगों की सुचना भी देंगे. हिन्दू विद्यालपीठ की प्राचार्य सोनी रूद्र ने एनसीबी के जागरूकता कार्यक्रम एवं पुनर्वास प्रभारी डॉ. अशोक कुमार वर्मा, कर्म चंद का स्वागत किया और कहा कि वे समय समय पर विद्यार्थियों को जागरूक करने के साथ साथ इस अभियान में सहयोग करेंगे।

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